Lockdown 4.0: उत्तराखंड में अब चल सकेंगे सार्वजनिक वाहन, आठ शहरों में ऑड-ईवन पैटर्न की व्यव्स्था
- दोपहिया वाहन सभी दिन चल सकेंगे, लेकिन नियम तोड़ने वालों पर होगी सख्त कार्रवाई
- रेड जोन में आने की स्थिति में वहां सार्वजनिक परिवहन पूरी तरह से बंद रहेगा।
- 50 फीसदी क्षमता के साथ ही चलेगा सार्वजनिक परिवहन।
विस्तार
उत्तराखंड सरकार ने ऑरेंज और ग्रीन जोन वाले जिलों में 50 प्रतिशत यात्री क्षमता के साथ सार्वजनिक परिवहन संचालन की अनुमति दे दी है। परिवहन विभाग इसके लिए एसओपी जारी करेगा। किसी जिले के रेड जोन में आने की स्थिति में वहां सार्वजनिक परिवहन पूरी तरह से बंद रहेगा। इंटर स्टेट परिवहन सामान्य तौर पर प्रतिबंधित है, लेकिन उसके संचालन के लिए शर्तें तय की गई हैं।
प्रदेश में कोई भी जिला रेड जोन में नहीं होने से अब पूरे प्रदेश में बसों सहित अन्य सार्वजनिक परिवहन का संचालन हो सकेगा। एक जिले से दूसरे जिले के बीच बसों के संचालन से लोगों को बड़ी राहत मिल सकती है। हालांकि वाहन की क्षमता से आधी सवारी को ही लेकर जाया जा सकता है।
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सरकार ने इंटर स्टेट परिवहन के संचालन को भी सहमति दी है, जिसके लिए नोडल अधिकारी, मंडलायुक्त और जिला मजिस्ट्रेट की अनुमति अनिवार्य है। मुख्य सचिव उत्पल कुमार सिंह की ओर से जारी आदेश में परिवहन विभाग को निर्देशित किया गया है कि सार्वजनिक परिवहन की एसओपी (स्टेंडर्ड ऑपरेंटिंग प्रोसिजर) तैयार कर लें, जिसके बाद संचालन शुरू हो सकेगा। संचालन में सोशल डिस्टेंसिंग के मानकों का पूरी तरह से पालन होगा।
आठ शहरों में ऑड ईवन व्यवस्था
उत्तराखंड में लॉकडाउन के चौथे चरण में अब वाहनों का संचालन होने लगेगा। लेकिन अधिक आबादी वाले आठ शहरों में निजी वाहनों का संचालन ऑड-ईवन नंबर प्लेट के हिसाब से होगा।
एक दिन ऑड नंबर और दूसरे दिन ईवन नंबर के चौपहिया वाहन चलाएं जा सकते हैं। वहीं, दोपहिया वाहन सभी दिन चल सकेंगे। उल्लंघन करने वालों का चालान काटने के अलावा अन्य सख्त कदम उठाए जा सकते हैं।
मुख्य सचिव उत्पल कुमार सिंह ने बताया कि सरकार ने सड़कों पर वाहनों की सीमित संख्या रखने के लिए ऑड-ईवन की व्यवस्था बनाई है। जिलों को इस संबंध में निर्देश जारी किए जाएंगे, जिसके बाद यह व्यवस्था लागू कर दी जाएगी। यह व्यवस्था प्राइवेट वाहनों के लिए रहेगी।
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