Lockdown 4.0 in Uttarakhand : मुंबई से ढाई लाख में बस बुक कराकर घर लौटे 35 प्रवासी
- हल्द्वानी पहुंचने पर प्रशासन ने रोडवेज की बस से भेजा बागेश्वर
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कोरोना महामारी के कारण घर लौटने के लिए मजबूर जिले के प्रवासियों को ढाई लाख रुपये में मुंबई से बस बुक करानी पड़ी। प्रवासियों के हल्द्वानी पहुंचने के बाद प्रशासन ने उन्हें बागेश्वर तक रोडवेज की बस से भेजा।
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मुंबई और पुणे से बागेश्वर लौटे 35 प्रवासियों का कहना है कि लॉकडाउन के बाद कामकाज बंद हो गया था। वह लोग डेढ़ महीने तक मुंबई और पुणे में फंसे रहे। घर लौटने के लिए उन सभी ने पैसे जमाकर ढाई लाख रुपये में मुंबई से हल्द्वानी तक बस बुक कराई। हल्द्वानी से बागेश्वर पहुंचे इन लोगों को बागेश्वर के विवेकानंद विद्या मंदिर में फैसिलिटी क्वारंटीन किया गया है।
यह लोग चुचेर, कौसानी, कपकोट, पोथिंग और सनगाड़ के रहने वाले हैं। चुचेर निवासी प्रवासी लक्ष्मण सिंह ने बताया कि वह और उनके साथ लौटे उदय सिंह, बहादुर सिंह, केदार सिंह, कमल सिंह, रमेश सिंह, गोपाल सिंह, दिनेश सिंह आदि महाराष्ट्र के रायगढ़ में एक कोल्ड स्टोर में मजदूरी करते थे।
लॉकडाउन के शुरुआत में काम चल रहा था लेकिन बाजार क्षेत्र में कोरोना के मामले तेजी से बढ़ने के कारण काम बंद करना पड़ा। जिसके बाद बचे हुए पैसों से काम चलाना मुश्किल हो रहा था। सरकार की ओर से प्रवासियों को घर लाने की प्रक्रिया के फैसले के बाद उन्होंने आवेदन किया।
रोडवेज की बस से मुफ्त में उन्हें बागेश्वर लाया गया
पास मिलने के बाद 35 लोगों ने मिलकर ढाई लाख रुपये में बस बुक की और हल्द्वानी पहुंचे। वहां से रोडवेज की बस से मुफ्त में उन्हें बागेश्वर लाया गया।
प्रवासी बोले, क्वारंटीन सेंटर में हाथ धोेने के साबुन तक नहीं
मुंबई से जिले में लौटे प्रवासियों ने फैसिलिटी क्वारंटीन होने के बाद वहां की तमाम अव्यवस्थाओं के बारे में बताया है। चुचेर निवासी लक्ष्मण सिंह, कपकोट निवासी कमल कपकोटी, पोथिंग निवासी देवेंद्र सिंह गढ़िया, सनगाड़ निवासी गोपाल सिंह, कौसानी निवासी मुकेश सिंह, कपकोट निवासी मुकेश सिंह, चुचेर निवासी उदय सिंह और केदार सिंह ने बताया कि विवेकानंद स्कूल स्थित फैसिलिटी सेंटर में हाथ धोने के लिए न तो हैंडवाश की व्यवस्था है और न ही साबुन की।
सेंटर में बिस्तरों की भी कमी है। साथ ही नल से बह रहे पानी के नाले में इकट्ठा होने से मच्छर परेशान कर रहे हैं। इन लोगों ने गांवों में बने क्वारंटीन सेंटर में भेजने की मांग की है।