प्रधानमंत्री मोदी की धार्मिक यात्रा समाप्त, राजनीतिक चर्चाओं का दौर जारी
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प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की दो दिवसीय केदारनाथ और बदरीनाथ यात्रा रविवार दोपहर समाप्त हो गई। लेकिन इस बीच उनकी इस यात्रा को लेकर राजनीतिक गलियारों में चर्चाओं का दौर जारी है। कांग्रेस ने तो उनकी इस यात्रा को आचार संहिता का उल्लंघन बताकर चुनाव आयोग से शिकायत तक कर दी है।
इससे पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी केदारनाथ और बदरीनाथ धाम के दर्शन कर रविवार दोपहर वायुसेना के विशेष विमान से दिल्ली रवाना हो गए। प्रधानमंत्री मोदी ने शनिवार को केदारनाथ धाम पहुंचकर बाबा केदार के दर्शन कर पूजा-अर्चना की। करीब पौने पांच घंटे धाम में बिताने के बाद दोपहर 2:45 बजे ध्यान गुफा में पहुंचकर वहां साधना में लीन हो गए।
पीएम मोदी आज सुबह करीब 17 घंटे बाद गुफा से बाहर आए और एक बार फिर बाबा केदार के मंदिर में पूजा अर्चना की। इसके बाद उन्होंने बदरीनाथ धाम में विशेष पूजा अर्चना की और वायुसेना के विशेष विमान से दिल्ली रवाना हो गए। शनिवार को भगवान शिव की आराधना के बाद आज रविवार को पीएम मोदी सुबह सात बजकर बीस मिनट पर ध्यान गुफा से बाहर आए और पैदल ही केदारनाथ मंदिर पहुंचकर बाबा केदार के दर्शन किया।
भगवान ने तो मांगने नहीं, देने योग्य बनाया है
केदारनाथ में पीएम की सुबह की पूजा की तैयारी के लिए मंदिर में यात्रियों के प्रवेश पर रोक लगा दी गई। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सुबह 8 बजकर 10 मिनट पर केदारनाथ मंदिर में पहुंचे। करीब बीस मिनट तक उन्होंने गर्भ गृह में भगवान भोले नाथ की पूजा और अभिषेक किया।
केदारनाथ मंदिर में पूजा के बाद वह मीडिया से मुखाबित हुए। उन्होंने कहा कि मैं इलेक्शन कमिशन का आभार मानता हूं कि ये दो दिन मुझे मिले। मेरा सौभाग्य है कि इस आध्यात्मिक भूमि पर आने का मुझे वर्षों से मौका मिलता रहा है। कहा कि मैं भगवान से कभी मांगता नहीं हूं। मांगना मेरी प्रवृति नहीं है। भगवान ने तो मांगने नहीं, देने योग्य बनाया है। गुजरात में रहते हुए अपनी तरह से प्रयत्न करता रहता था। लेकिन प्रधानमंत्री बनने के बाद सौभाग्य से यहां भी भाजपा की सरकार बनी। केदारनाथ की परिस्थितियां बेदह प्रतिकूल है। मास्टर प्लान के आधार पर केदारनाथ में पुनर्निर्माण किया जा रहा है। कहा कि कल मैं ध्यान गुफा में चला गया था। वह ऐसी गुफा है जहां से हर समय बाबा के दर्शन होते रहते हैं। मैंने वहां से भी बाबा के दर्शन किए। एक प्रकार से मैं वर्तमान भारत के वातावरण से पूरी तरह बाहर था। उन्होंने कहा कि इस दौरे से उत्तराखंड और केदारनाथ के पर्यटन को फायदा मिलेगा। लोगों को यह संदेश मिलेगा कि केदारनाथ यात्रा सुरक्षित है और पहले से अधिक सुविधाएं यहां हैं। लोग यह सोचेंगे की छुट्टी में सिंगापुर न जाकर केदारनाथ चलते हैं। यहां के विकास मिशन में प्रकृति, पर्यावरण और पर्यटन शामिल हैं। इस दौरान वहां मोदी-मोदी के नारे लगने शुरू हो गए। वहीं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हर हर महादेव और भारत माता की जय का जयकारा लगाया और सुरक्षा घेरा तोड़कर वह धाम में मौजूद लोगों से मिले। इस दौरान उन्होंने हाथ हिलाकर लोगों का अभिवादन स्वीकार किया।
#WATCH Prime Minister Narendra Modi greets devotees at Kedarnath temple. pic.twitter.com/7ExtXokdw4
— ANI (@ANI) May 19, 2019
गुनगुनी धूप का आनंद लिया
इससे पहले प्रधानमंत्री मोदी ने सुबह ध्यान गुफा से बाहर आकर गुनगुनी धूप का आनंद लिया। उन्होंने योग भी किया। गुफा से मंदिर तक के रास्ते में प्रधानमंत्री ने प्रकृति के सौंदर्य का आनंद लिया। करीब डेढ़ किलोमीटर के रास्ते पर वह कई जगह रुके और बर्फ से ढकी पहाड़ियों को निहारा। उन्होंने प्राकृतिक स्रोत से पानी भी पिया। वह कुछ देर के लिए एक बैंच पर भी बैठे। वहीं नदी किनारे पत्थर पर बैठकर प्रकृति का आनंद लिया।
इसके बाद पीएम मोदी बदरीनाथ धाम के लिए रवाना हो गए। प्रधानमंत्री बनने के बाद मोदी पहली बार भगवान बदरीनाथ के दर्शनों को पहुंचे। पीएम के दौरे को लेकर बदरीनाथ मंदिर परिसर, गांधी घाट, तप्तकुंड, बामणी गांव, माणा गांव, साकेत तिराहा और बदरीनाथ मंदिर परिक्रमा स्थल पर पुलिस अधिकारियों को ड्यूटी लगाई गई।
#WATCH PM Modi in Kedarnath, "I have had a special relationship with Kedarnath. After 2013 natural tragedy, we have made a master-plan for the re-development for Kedarnath." pic.twitter.com/s2jla0XnFW
— ANI (@ANI) May 19, 2019
बीकेटीसी के अध्यक्ष ने बदरीनाथ में किया पीएम का स्वागत
नौ बजकर 50 मिनट पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी गौचर से बदरीनाथ के लिए रवाना हुए। श्री बदरीनाथ मंदिर समिति ने पीएम मोदी के दौरे को लेकर पूरी तैयारी कर ली थी। सुबह करीब 10 बजे प्रधानमंत्री मोदी बदरीनाथ पहुंचे।
दस बजकर 12 मिनट पर पीएम का काफिला साकेत तिराहा पर पंहुचा। जहां से धाम की दूरी 150 मीटर है। पीएम मोदी यहां से पैदल ही बदरीनाथ धाम को पहुंचे। रास्ते में वह लोगों का अभिवादन करते हुए दिखाए दिए। बदरीनाथ मंदिर परिसर से होते हुए मोदी अतिथि गृह गुजरात भवन में पहुंचे। यहां बीकेटीसी के अध्यक्ष मोहन प्रसाद थपलियाल ने उनका स्वागत किया। जिसके बाद पीएम मोदी बदरीनाथ मंदिर में प्रवेश कर सभामंडप में पहुंचे। रावल ईश्वरी प्रसाद नंबूदरी ने बदरीनाथ की विशेष पूजा करवाई।
बदरीनाथ का प्रतीक चिह्न और चौलाई के लड्डू भेंट किए
पूजा के बाद प्रधानमंत्री सिंह द्वार से बाहर आए। बीकेटीसी ने पीएम को बदरीनाथ का प्रतीक चिह्न और चौलाई के लड्डू भेंट किए। बदरीनाथ के धर्माधिकारी भुवन चन्द्र उनियाल ने उन्हें शॉल भेंट किया। मंदिर से बाहर निकलते ही प्रधानमंत्री मोदी को देख उपस्थित लोगों ने मोदी-मोदी के नारे लगाए। इस पर उन्होंने भी हाथ हिलाकर लोगों का अभिवादन किया। दर्शन के बाद पीएम मोदी फिर गुजरात भवन में पहुंचे। उनकी यात्रा के मद्देनजर मंदिर परिसर को जीरो जोन में रखा गया। यात्रियों को साकेत तिराहा पर ही रोका गया। माणा रोड स्थित आर्मी हेलीपैड से बदरीनाथ मंदिर तक चप्पे-चप्पे पर पुलिस के जवान तैनात रहे।
अपरान्ह 11.41 बजे पीएम मोदी बदरीनाथ से जौलीग्रांट के लिए रवाना हुए। जाते वक्त उन्होंने बदरीनाथ मंदिर परिसर के किनारे रोके गए यात्रियों और स्थानीय लोगों से मुलाकात की। दोपहर 12 बजकर 35 मिनट पर प्रधानमंत्री जौलीग्रांट एयरपोर्ट पहुंचे। जहां से वह 12 बजकर 55 मिनट पर वायुसेना के विशेष विमान से दिल्ली के लिए रवाना हुए। इस दौरान एयरपोर्ट पर राज्यपाल बेबीरानी मौर्य, मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत और डीजीपी अनिल रतूड़ी मौजूद रहे।