पैसा पड़ा है फिर भी नहीं खरीदे LCD
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केंद्र सरकार के फरमान पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के भाषण का लाइव प्रसारण दिखाने पर उत्तराखंड के शिक्षा विभाग को भारी भरकम खर्च करना पड़ रहा है।
सभी सरकारी स्कूलों में हड़कंप मचा हुआ है और शुक्रवार को शिक्षक दिवस पर टीवी और रेडियो का इंतजाम किया जा रहा है। अगर इन्फार्मेशन एंड कम्युनिकेशन टेक्नोलाजी (आईसीटी) योजना के तहत स्कूलों में पहले ही एलसीडी या एलईडी स्क्रीन लग गई होतीं तो इतनी आपाधापी न करनी पड़ती।
अचानक आए इस बड़े खर्च से भी बच जाते। केंद्र से स्वीकृत यह योजना तीन वर्ष से ठंडे बस्ते में पड़ी हुई है जबकि दूसरे प्रदेशों में इसका काम लगभग पूरा किया जा चुका है। इस योजना के तहत वर्ष 2004 में सभी सरकारी स्कूलों में कंप्यूटर लैब बनाया जाना तय किया गया था।
उत्तराखंड में महज 125 स्कूलों में बन पाई लैब
पहले चरण में प्रदेश भर में महज 125 स्कूलों में कंप्यूटर लैब बन पाई हैं, जो अब खस्ताहाल हैं। 2011-12 से तय दूसरे चरण में पांच सौ स्कूलों में पांच हजार कंप्यूटर के अलावा एलसीडी या एलईडी लगाई जानी हैं।
लेकिन तीन वर्ष से मामला प्री बिड से आगे नहीं बढ़ पाया। यदि ये स्क्रीन लग गई होतीं तो इस समय उनका उपयोग हो जाता।
क्यों अटका है काम
इसके लिए लगभग 70 करोड़ रुपए मंजूर हैं। मामला कभी इस पर अटका कि एलसीडी स्क्रीन लगाई जाय या एलईडी स्क्रीन, तो कभी कंप्यूटर प्रोसेसर की क्षमता को लेकर। सीएम हरीश रावत के देरी पर आपत्ति जताने के बाद अब दोबारा टेंडर प्रक्रिया शुरू की जा रही है।
क्या मिलना है प्रत्येक स्कूल को
प्रशिक्षक सहित लैब, 10 कंप्यूटर, एक प्रिंटर, इंटरनेट कनेक्शन, एक बड़ी एलसीडी स्क्रीन (मल्टीमीडिया)
आईसीटी योजना के लिए अब तक तीन बार बिंडिंग की जा चुकी हैं लेकिन कोई आवेदन नहीं आया। अब हमने बेहतर परिणाम देने वाले केरल के माडल को मंगवाया है। इस पर आधारित बिंडिंग प्रारूप भी तैयार कर लिया गया है। जल्द ही काम गति पकड़ लेगा।
- राधिका झा, महानिदेशक विद्यालयी शिक्षा
मोदी के भाषण को निजी स्कूल तैयार
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का शिक्षक दिवस पर भाषण बच्चों को सुनाने के लिए देहरादून के निजी स्कूल भी तैयार हैं। ज्यादातर स्कूलों ने बृहस्पतिवार को छात्रों को इस संबंध में सूचित कर दिया है। हालांकि सेंट जोजेफ्स एकेडमी सहित कुछ पब्लिक स्कूलों में इंतजाम नहीं किए जा सके।
पीएम मोदी का भाषण सुनने के अलावा, ऑनलाइन भी छात्र पीएम से सवाल पूछ सकते हैं। दून इंटरनेशनल स्कूल के उप प्रधानाचार्य दिनेश बड़थ्वाल ने बताया कि उन्होंने प्रोजेक्टर और ऑनलाइन दोनों माध्यमों से इंतजाम किए हैं। एशियन स्कूल में भी प्रोजेक्टर के माध्यम से मोदी की स्पीच बच्चों को सुनवाई जाएगी।
ब्राइटलैंड स्कूल में भी पूरे इंतजाम किए गए हैं। केवी एफआरआई में धूप से बच्चों को बचाने के लिए एफआरआई आडिटोरियम में प्रबंधन किया गया है। राजा राम मोहन राय एकेडमी सहित तमाम स्कूलों में भी मोदी का भाषण बच्चों को सुनाया जाएगा।
सेंट जोजेफ्स एकेडमी के प्रिंसिपल ब्रदर सबेस्टियन का कहना है कि किन्हीं कारणों से वह प्रबंध नहीं कर पाए, लेकिन जैसे ही मोदी के भाषण की सीडी उन्हें उपलब्ध हो जाएगी, वह बच्चों को इसे दिखा देंगे।
पीएम के भाषण के लिए व्यवस्था
जिला शिक्षा अधिकारी बेसिक पदमेंद्र सकलानी ने कहा कि पीएम नरेंद्र मोदी के भाषण को लेकर अलग-अलग व्यवस्था की गई है। कुछ स्कूलों में तो कुछ बच्चे घर एवं दुकानों पर पीएम का भाषण सुनेंगे।