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कितना कारगर होगा आसाराम का नया पैंतरा?

Thu, 26 Dec 2013 02:39 AM IST
कुणाल दरगन/अमर उजाला, हरिद्वार
कुणाल दरगन/अमर उजाला, हरिद्वार Updated Thu, 26 Dec 2013 02:39 AM IST
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literature distributed in asaram support
यौन शोषण का आरोप झेल रहे धर्म गुरु आसाराम के पक्ष में समर्थन जुटाने के लिए उनकी ‘पाक साफ छवि’ व उन्हें ‘गहरी साजिश’ के तहत फंसा देने संबंधी साहित्य कुंभनगरी में घर घर बांटा जा रहा है।
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साहित्य में आसाराम ही नहीं हत्या व रेप के आरोप में फंसे चार धर्मगुरुओं को कोर्ट से क्लीन चिट मिलने की बात मुख्य है। देश के एक पूर्व राष्ट्रपति, पूर्व प्रधानमंत्री, मौजूदा मुख्यमंत्री, राजनेता, धर्मगुरुओं, मनोविज्ञानियों के विचार साहित्य में प्रकाशित किए गए हैं।
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ये है शीर्षक
साहित्य का शीर्षक ‘सच्चाई-ऐज इट इज’ है। ये ही मुख्यपृष्ठ पर छपा भी है। साहित्य के तीसरे पृष्ठ में हत्या व रेप के आरोपों में फंसे धर्मगुरुओं को कोर्ट से क्लीन चिट मिलने का उल्लेख किया है।

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साहित्य में पीड़िता की एफआईआर पर भी सवाल खडे़ किए गए है। यही नहीं आसाराम बापू के सहयोगी से अश्लील वीडियो, तांत्रिक विधि, नशीले पदार्थो के सेवन, पीडोफिलिया नाम की बीमारी से ग्रस्त होने के आरोप को भी झुठलाया है। आसाराम बापू की जन्म कुंडली से लेकर उनके जनसेवा कार्यों का भी बढ़चढ़ कर वर्णन किया गया है।


इनके दे रहे उदाहरण
बांटे जा रहे साहित्य में आसाराम के समर्थन में पूर्व राष्ट्रपति एपीजे अब्दुल कलाम, पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी, छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री रमन सिंह, प्रसिद्ध न्यायविद डॉक्टर सुब्रह्मण्यम स्वामी, विहिप नेता अशोक सिंहल, प्रवीण तोगड़िया, संत देवेन्द्रानंद गिरि,नरेन्द्रानंद सरस्वती, मनोविज्ञानी शिल्पा अग्रवाल, नित्यानंद स्वामी, निश्चलानंद सरस्वती समेत संस्थाओं के नाम का प्रयोग किया गया है।

मीडिया को भी कोसा
साहित्य में मीडिया को भी जमकर कोसा गया है। मीडिया को बिकाऊ की संज्ञा दी गई है। यही नहीं आसाराम की संस्थाओं व आश्रम में संचालित होने वाले जनहित के कार्यों पर कभी भी फोकस न करने का आरोप लगाया है।

बड़ी संख्या में अनुयायी
आसाराम का हरिद्वार से सटे हरिपुर कलां रायवाला में विशाल आश्रम है जिसमें दो सौ फ्लैट भी हैं। वर्ष में एक बार वे यहां सत्संग भी करते रहे हैं। यहां भी उनके अनुयायियों की खासी संख्या है।
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