फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Dehradun News ›   less budget for District Panchayat.

धन नहीं देना तो राज्य वित्त आयोग ही खत्म कर दें

Sun, 21 Feb 2016 10:31 AM IST
ब्यूरो / अमर उजाला, देहरादून
ब्यूरो / अमर उजाला, देहरादून Updated Sun, 21 Feb 2016 10:31 AM IST
विज्ञापन
less budget for District Panchayat.

चौथे राज्य वित्त आयोग की सुनवाई बैठक में जिला पंचायत व क्षेत्र पंचायत प्रतिनिधियों ने धन की कमी को बेहद पीड़ा के साथ बयां किया।

विज्ञापन


देहरादून में आयोजित बैठक में जनप्रतिनिधियों ने कहा कि अगर यही हालात रहे तो उनके लिए बतौर जनप्रतिनिधि काम करना मुश्किल हो जाएगा। उन्होंने कहा कि अगर केंद्र सरकार ने वित्तीय आवंटन घटाने का निर्णय लिया है तो बेहतर होगा कि इस संस्था को समाप्त कर दिया जाए।

सभी ने कहा कि लोग उनसे अपेक्षा बहुत रखते हैं, लेकिन उनकी वित्तीय शक्तियां शून्य हैं। इस पर वित्त आयोग के अध्यक्ष और सदस्यों ने आश्वस्त किया कि लोकतंत्र की सफलता के लिए वह राज्य सरकार को अधिक से अधिक धन आवंटन की संस्तुति करेंगे।
विज्ञापन


विकास भवन सभागार में शनिवार को आयोजित बैठक में राज्य वित्त आयोग के अध्यक्ष डा. बीके जोशी ने कहा कि 14वें केंद्रीय वित्त आयोग की सिफारिशों की वजह से केंद्र सरकार ने जिला पंचायतों व क्षेत्र पंचायतों का वित्तीय आवंटन लगभग समाप्त कर दिया है। इससे जनप्रतिनिधियों को बहुआयामी समस्याएं झेलनी पड़ रही हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन


उन्होंने कहा कि यह पूरे देश का मसला है। इसके बावजूद राज्य वित्त आयोग जिला, क्षेत्र व ग्राम पंचायतों को अधिकाधिक धन आवंटन की सिफारिश प्रदेश सरकार से करेगा। उन्होंने कहा कि क्षेत्र पंचायतों को साफ सफाई का काम सौंपा जा सकता है।

राज्य वित्त आयोग के सदस्य सचिव डा. एलएम पंत ने सभी प्रतिनिधियों को कानून, नियमों, उपनियमों व वित्तीय आवंटन की संभावनाओं पर विस्तार से जानकारी दी। सदस्य सीएमएस बिष्ट ने संसाधनों के समुचित उपयोग की जानकारी प्रदान की। सदस्य अविकल थपलियाल ने कहा कि जनप्रतिनिधियों को सरकार पर दबाव बनाना होगा।

दून जिला पंचायत अध्यक्ष चमन सिंह चौहान ने जिला पंचायत की गिरती वित्तीय स्थिति की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि सभी सरकारें जिला पंचायत का अस्तित्व बरबाद करने की नीति पर काम कर रही हैं।

उन्होंने कहा कि जिला पंचायत को 15 करोड़ रुपये एसएफसी से मिलते हैं। तीन करोड़ वेतन में खर्च हो जाता है। सातेंद्र सिंह समेत कई सदस्यों ने मांग की कि एसएफसी के तहत कम से कम चार गुना आवंटन बढ़ना चाहिए।


रायपुर ब्लॉक प्रमुख बीना बहुगुणा ने प्रमुखों समेत क्षेत्र पंचायत सदस्यों की शक्तिहीन होती स्थिति को बयां किया। पूर्व वित्त सचिव एलएम पंत, रिटायर्ड आईएएस सीएमएस बिष्ट, सीडीओ आलोक पांडेय, डीपीआरओ एमएम खान ने भी विचार व्यक्त किए।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed