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पर्वतीय क्षेत्रों में मूसलाधार बारिश, कोरोना संकट के चलते राज्य में तेंदुए की गणना का काम ठप
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देहरादून। राज्य के कुमाऊं और गढ़वाल के पर्वतीय क्षेत्रों में मूसलाधार बारिश और कोरोना संकट के चलते फिलहाल तेंदुओं की गणना पर ब्रेक लग गया है। नोडल अधिकारी व राजाजी टाइगर रिजर्व के निदेशक डीके सिंह का कहना है कि तेंदुओं की गणना का काम बारिश के बाद शुरू किया जाएगा।
बता दें, राज्य के कुमाऊं और गढ़वाल क्षेत्रों में 1000 से लेकर 3000 मीटर की ऊंचाई तक पाए जाने वाले तेंदुओं की गणना होनी है। तेंदुओं की गणना की जिम्मेदारी वन्यजीव संस्थान और राजाजी टाइगर रिजर्व को सौंपी गई है। गणना के लिए संबंधित अधिकारियों, विशेषज्ञों और वन विभाग के कर्मचारियों को प्रशिक्षण भी दिया जा चुका है। मई-जून में गणना शुरू होनी थी, लेकिन कोरोना संक्रमण के बाद अब बारिश की वजह से गणना का काम फिलहाल रोक दिया गया है।
नोडल अधिकारी एवं राजाजी टाइगर रिजर्व के निदेशक डीके सिंह ने बताया कि तेंदुओं की गणना का काम अब बारिश के बाद शुरू किया जाएगा। राज्य में तेंदुओं की गणना का काम दो चरणों में होना है। पहले चरण में 1000 से 3000 मीटर तक की ऊंचाई पर पाए जाने वाले तेंदुओं की गणना होनी है। इसके बाद 3000 से लेकर उसके अधिक ऊंचाई पर तेंदुओं की गणना होगी।
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बता दें, राज्य के कुमाऊं और गढ़वाल क्षेत्रों में 1000 से लेकर 3000 मीटर की ऊंचाई तक पाए जाने वाले तेंदुओं की गणना होनी है। तेंदुओं की गणना की जिम्मेदारी वन्यजीव संस्थान और राजाजी टाइगर रिजर्व को सौंपी गई है। गणना के लिए संबंधित अधिकारियों, विशेषज्ञों और वन विभाग के कर्मचारियों को प्रशिक्षण भी दिया जा चुका है। मई-जून में गणना शुरू होनी थी, लेकिन कोरोना संक्रमण के बाद अब बारिश की वजह से गणना का काम फिलहाल रोक दिया गया है।
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नोडल अधिकारी एवं राजाजी टाइगर रिजर्व के निदेशक डीके सिंह ने बताया कि तेंदुओं की गणना का काम अब बारिश के बाद शुरू किया जाएगा। राज्य में तेंदुओं की गणना का काम दो चरणों में होना है। पहले चरण में 1000 से 3000 मीटर तक की ऊंचाई पर पाए जाने वाले तेंदुओं की गणना होनी है। इसके बाद 3000 से लेकर उसके अधिक ऊंचाई पर तेंदुओं की गणना होगी।
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