खच्चर ने किया 'आदमखोर' गुलदार का शिकार
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
गढ़वाल मंडल में उत्तरकाशी जिले के अठाली क्षेत्र में दो दिनों तक दहशत का पर्याय बना रहा गुलदार बुधवार रात को अस्तल गांव में खच्चरों का शिकार हो गया। गुलदार के मारे जाने पर ग्रामीणों ने चैन की सांस ली। वन विभाग के अधिकारियों के अनुसार यह मादा गुलदार काफी समय से बीमार और भूखा था।
बीते मंगलवार को गुलदार ने अठाली गांव में छानी से लौट रहे एक महिला और एक पुरुष को घायल कर दिया था। अगले ही दिन गुलदार ने अठाली पुल के पास एक खच्चर वाले को घायल कर दिया था।
बुधवार शाम को ही यह गुलदार रनाड़ी होते हुए अस्तल पहुंचा। देर शाम गुलदार अस्तल गांव में महावीर रजवार के घर के आंगन में धमक गया। परिवार के लोगों ने किसी तरह घर में दुबक कर जान बचाई।
इस दौरान बड़ी संख्या में ग्रामीण वहां एकत्र हो गए, तो गुलदार घर के पास बने महावीर के खच्चरों के बाड़े में जा घुसा, जहां खच्चर की लात सिर पर लगने से गुलदार की मौके पर ही मौत हो गई। रेंजर अतोल सिंह परमार मौके पर पहुंचे और गुलदार के शव को कब्जे में लिया।
खेत में मृत मिला गुलदार का शावक
कीर्तिनगर में डांगचौरा रेंज के अंतर्गत नौर गांव के एक खेत में गुलदार के शावक का शव मिला है। उसके गले और पेट पर घाव के निशान हैं। प्रथम दृष्टया यह माना जा रहा है कि मृतक शावक किसी जंगली जानवर या कुत्तों ने मारा होगा। सूचना मिलने पर वन विभाग की टीम ने शव को कब्जे में ले लिया।
बृहस्पतिवार सुबह नौर गांव के लोगों ने कान्वेंट स्कूल और नौर गांव के बीच खेत में एक गुलदार के शावक पड़ा देखा। नजदीक जाने पर पता चला कि शावक मर चुका है। उसके घावों से निकला खून खेत में फैला हुआ था। वन विभाग को इस घटना की सूचना लगभग आठ बजे मिली। टीम लगभग सवा नौ बजे मौके पर पहुंची।
तब तक कुछ लोगों ने शावक के बाल निकाल लिए। वन दारोगा जोत सिंह रावत ने बताया कि शावक की उम्र छह-सात माह है। मौत के कारणों का पता करने के लिए पोस्टमार्टम कराया जा रहा है। वन विभाग की टीम के पहुंचने तक शौकीन लोगों ने शावक के शव के साथ मोबाइल से काफी फोटो खींचे। शायद इसी बीच कुछ लोगों ने मूंछ के बाल निकाल लिए।