भरी दुपहरी घर में घुसा गुलदार, मचा हड़कंप
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उत्तराखंड के टिहरी में थौलधार ब्लॉक के ग्राम खर्क-भेंडी में भरी दोपहर गुलदार की धमक अफरा-तफरी मच गई। खर्क से भेंडी गांव पहुंचा गुलदार एक महिला पर हमला कर कमरे में घुस गया।
महिला ने हिम्मत दिखाते हुए कमरे का दरवाजा बंद कर उसे कैद कर दिया। मौके पर पहुंची वन विभाग की टीम ने गुलदार को बमुश्किल पिंजरे में बंद किया।
बुधवार दोपहर साढ़े बारह बजे एक नर गुलदार खर्क गांव में हर्षमणी बडोनी के घर में आ घुसा। उनकी बहू ने गुलदार को कमरे के अंदर जाते देखा, तो शोर मचाया। इस पर ग्रामीण एकत्र हो गए।
गुलदार करीब दो घंटे बाद लोगों का शोर बढ़ने पर कमरे से भाग गया। इसके बाद खेतों से होते हुए गुलदार भेंडी गांव जा पहुंचा और वहां आंगन में नाती-पोतों के साथ बैठी श्रीमती देवी पर हमला कर दिया।
महिला के शोर मचाने पर गुलदार उनके घर के अंदर घुस गया। तभी महिला ने हिम्मत दिखाते हुए बाहर से दरवाजा बंद कर दिया। सूचना मिलने पर बड़ी संख्या में लोग वहां एकत्रित हो गए।
महिला पर हमला कर किया घायल
कनिष्ठ प्रमुख कुलदीप पंवार ने वन विभाग को सूचना दी। मौके पर पहुंचे रेंज अधिकारी एनएल डोभाल ने बताया कि गुलदार ने महिला के पैर में खरोंच मारी है, उन्हें जिला चिकित्सालय बौराड़ी भेजा गया है। काफी मशक्कत के बाद शाम छह बजे गुलदार को पिंजरे में कैद किया गया।
रेंज अधिकारी ने कहा कि गुलदार को हरिद्वार भेजा जाएगा। गांव के महावीर प्रसाद बडोनी ने बताया कि मंगलवार को गांव के पास मजदूरों को गुलदार का बच्चा (शावक) मिला था, जिसे वन विभाग के हवाले कर दिया गया था।
जंगलों में भोजन की कमी और जलवायु परिवर्तन के कारण जंगली जानवरों की भोजन की आदत बदल रही है। गांव के पास झाड़ियां होने से भी उन्हें छिपने की जगह मिल रही है, जिससे वे बस्तियों के नजदीक आ रहे हैं। जंगली जानवरों का मनुष्य के साथ बढ़ते संघर्ष के प्रति वन विभाग लापरवाह बना हुआ है।
-विजय जड़धारी, पर्यावरणविद्।