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12 घंटे जिंदगी और मौत के बीच झूलता रहा तेंदुआ
ब्यूरो/अमर उजाला, चंबा (टिहरी)
Updated Sat, 06 May 2017 01:09 PM IST
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leopard
- फोटो : amarujala
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टिहरी जनपद के चंबा में सकलाना रेंज के मौण गांव के एक खेत में लगाई गई कंटीली तार में फंसने से तेंदुए की मौत हो गई। तेंदुआ 12 घंटे से अधिक समय तक जिंदगी और मौत से जूझता रहा।
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शुक्रवार सुबह करीब 9 बजे सकलाना रेंज के वनाधिकारियों को मौण गांव के एक खेत में लगाई गई कंटीली तार में तेंदुए के फंसे होने की सूचना मिली। बताया जा रहा है कि तेंदुआ तड़के चार बजे के करीब कंटीली तार में फंसा होगा। सूचना पर रेंजर बुद्धि प्रकाश टीम के साथ मौके पर पहुंचे।
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उन्होंने तेंदुए को तार से छुड़ाने का काफी प्रयास किया, लेकिन सफल नहीं हो पाए। कंटीली तार से तेंदुए को बाहर निकालने के लिए उसे बेहोश करना जरूरी था। ऐसे में उन्होंने अपने उच्चाधिकारियों से ट्रेंक्यूलाइज गन की मांग की।
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शाम करीब चार बजे देहरादून से ट्रेंक्यूलाइज गन के साथ वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची। इसके बाद विभाग ने तेंदुए के शव को निकालकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। रेंजर का कहना है कि ग्रामीण ने अपने खेतों की फसल को जंगली जानवरों से बचाने के लिए कंटीली तार लगाई थी जिसमें तेंदुआ फंस गया।
तेंदुए की उम्र करीब छह वर्ष होगी। इधर, ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते ट्रेंक्यूलाइज गन पहुंच जाती तो तेंदुए की जान बच जाती।