कॉर्बेट पार्क क्षेत्र में पॉलिथीन से निकालकर 'कूड़ा' खा रहा तेंदुआ, तस्वीर हुई वायरल
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कई बार इंसानों की गलती मानव-वन्यजीव संघर्ष को न्योता दे रही है। वनाधिकारियों के अनुसार घर के आसपास पॉलिथीन में मांस के टुकड़े, जूठन आदि फेंकने से भी भोजन की तलाश में निकले तेंदुओं के आबादी के पास पहुंचने का खतरा बढ़ जाता है। इसी तरह जंगल और आसपास पॉलिथीन के ढेर लगातार बढ़ रहे हैं। लोगों ने जंगलों को कूड़े का ठिकाना लगाने का स्थान बना दिया है।
कॉर्बेट पार्क के पास लगे एक कैमरा ट्रैप तेंदुए का फोटो वायरल हुआ है, इसमें तेंदुआ पॉलिथीन से जूठन खाता दिखाई दे रहा है। कॉर्बेट फाउंडेशन के डॉ. हेमंत बर्गली ने बताया कि तेंदुए अक्सर आबादी के आसपास रहते है।
कई बार देखा जाता है कि लोग मांसाहार खाने के बाद अवशेष पन्नियों में भरकर फेंक देते है। ऐसे में तेंदुए ने पन्नी से निकालकर खाया होगा। परंतु पन्नियों से जूठन खाने से तेंदुए के व्यवहार पर कोई बदलाव नहीं आ रहे है।
रामनगर वन प्रभाग के डीएफओ भूपेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि इस तरह के मामले काफी समय होते रहे है, लेकिन पन्नियों के जूठन से तेंदुए के व्यवहार में कोई बदलाव नहीं आ रहा है।
पश्चिमी वृत्त संरक्षक डॉ. पराग मधुकर धकाते कहते हैं कि खाद्य सामग्री वाली पॉलीथिन खुले में फेंकना गलत है। ऐसे में वन्यजीव उसे खाने के लिए पहुंच जाते हैं। वन विभाग लगातार अभियान चलाकर लोगों जागरूक कर रहा है कि वह घर के आसपास भी मांस के अवशेष मत फेंके।
इसके साथ ही जंगल के पास पालतू पशुओं के शव भी कई लोग फेंक देते हैं, यह भी गलत है। इससे भी वन्यजीवों के व्यवहार में बदलाव से लेकर मानव-वन्यजीव संघर्ष का अंदेशा बढ़ जाता है।
लोग जंगल के आसपास कूड़ा भी फेंक रहे हैं। यह भी चिंताजनक है। वन विभाग निजी क्षेत्र के सहयोग से जंगल और आसपास पॉलिथीन को लेकर सफाई अभियान चलाएगा।
- डॉ. पराग मधुकर धकाते, पश्चिमी वृत्त संरक्षक