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उत्तराखंडः तैयार रहो, अक्टूबर में होगी पटवारी-लेखपाल भर्ती

Fri, 25 Sep 2015 02:06 PM IST
ब्यूरो / अमर उजाला, देहरादून
ब्यूरो / अमर उजाला, देहरादून Updated Fri, 25 Sep 2015 02:06 PM IST
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lekhpal and patwari recruitment in uttarakhand.

उत्तराखंड में जिला स्तर पर पटवारी और लेखपाल के रिक्त पदों पर भर्ती की प्रक्रिया पांच अक्तूबर से शुरू होगी। शासन ने जिलाधिकारियों को पांच अक्तूबर से दस अक्तूबर के बीच में भर्ती के विज्ञापन जारी करने का आदेश जारी किया है।

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राजस्व सचिव डीएस गर्ब्याल के मुताबिक भरती की प्रक्रिया को समयबद्ध कर दिया गया है। जिलाधिकारियों को एक मार्च, 2016 से पहले-पहले प्रक्रिया पूरी करने का आदेश दिया गया है, ताकि एक मार्च 2016 से प्रशिक्षण शुरू कराया जा सके। गुरुवार को इसका शासनादेश जारी किया।
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ये होगी भरती प्रक्रिया की कमेटी
जिलाधिकारी-अध्यक्ष
एसएसपी, एसपी- सदस्य
सीडीओ-सदस्य
एडीएम वित्त, राजस्व, प्रशासन-सदस्य
जिला कल्याण अधिकारी-सदस्य

शारीरिक दक्षता के लिए कमेटी
जिलाधिकारी-अध्यक्ष
एसएसपी, एसपी-सदस्य
सीडीओ-सदस्य
जिला खेल अधिकारी-सदस्य

ये है शेड्यूल
पांच अक्तूबर से 10 अक्तूबर- जिलों में जारी होंगे विज्ञापन
10 नवंबर, 2015-आवेदन पत्र प्राप्त करने की अंतिम तिथि
11 नवंबर-20 नवंबर-आवेदन पत्रों की स्क्रूटनी
30 नंवबर-प्रवेश पत्र जारी करने की अंतिम तिथि
15 दिसंबर-20 दिसंबर-शारीरिक दक्षता परीक्षण अवधि
27 दिसंबर- लिखित परीक्षा
15 जनवरी-परीक्षा परिणाम
15 फरवरी-प्रमाण पत्रों का सत्यापन
एक मार्च, 2016-प्रशिक्षण शुरू

2003 के पटवारी भर्ती घोटाले लिया सबक

lekhpal and patwari recruitment in uttarakhand.

2003 के पटवारी भर्ती घोटाले से सबक लेकर इस बार पटवारी भर्ती मामले में शासन ने फूंक- फूंककर कदम रखा है। इस बार की भर्ती प्रक्रिया में साक्षात्कार को हटा दिया गया है और चयन के लिए सिर्फ लिखित परीक्षा रखी गई है। इसके साथ ही पटवारी भरती के लिए अभ्यर्थियों को शारीरिक दक्षता के मापदंड से गुजरना होगा और इसमें पास होने पर ही वे लिखित परीक्षा में बैठ पाएंगे।

गुरुवार को जारी शासनादेश के मुताबिक पटवारियों और लेखपाल के रिक्त पदों के लिए भर्ती जिला स्तर पर होगी। इसके लिए शासन ने जिला स्तर पर जिलाधिकारी की अध्यक्षता में कमेटी बनाने का आदेश दिया है। इसी तरह शारीरिक दक्षता और शारीरिक मानकों के लिए भी जिलाधिकारी की अध्यक्षता में कमेटी का गठन किया गया है।

2003 में पटवारी भर्ती में घोटाला सामने आने से सबक लेकर इस बार शासन ने पटवारी भर्ती से साक्षात्कार हटा दिया है। 2003 में साक्षात्कार के जरिए ही चहेतों को भरती करने का मामला सामने आया था। इसके अलावा शासन ने इस बार जिलाधिकारी को ही पूरी भर्ती प्रक्रिया की कमान सौंपी है।

सचिव राजस्व डीएस गर्ब्याल के मुताबिक परीक्षा एक ही दिन और सभी जिलों में होगी। शारीरिक दक्षता के लिए कोई अंक नहीं हैं पर लिखित परीक्षा में शामिल होने के लिए शारीरिक दक्षता के मापदंड पर खरा उतरना होगा। शारीरिक दक्षता परीक्षण की अवधि 15 दिसंबर से 20 दिसंबर तक रखी गई है।

लिखित परीक्षा 27 दिसंबर को होगी। पहले पटवारी और लेखपाल के लिए शैक्षिक योग्यता इंटर थी। अब स्नातक समकक्ष परीक्षा को पास करने का मानक रखा गया है। परीक्षा वस्तुनिष्ठ होगी।

सचिव के मुताबिक पटवारी और लेखपाल के करीब 464 रिक्त पदों के लिए यह भर्ती होगी। 15 जनवरी को एक ही दिन सभी जिलों में परीक्षाफल घोषित किया जाएगा। पटवारी अथवा लेखपाल किसी एक के लिए ही आवेदन किया जा सकेगा।

बेरोजगारों से ये कैसा मजाक?

lekhpal and patwari recruitment in uttarakhand.

पटवारी और लेखपालों की भर्ती में शासन ने कई नियम बदले पर बेरोजगारों के साथ मजाक करना नहीं छोड़ा। चयनित अभ्यर्थियों को एक साल का प्रशिक्षण का खर्च भी खुद ही उठाना होगा।

पटवारियों के मुताबिक इसमें कम से कम डेढ़ लाख रुपए का खर्च तो आसानी से होता है। जाहिर है कि पटवारी बनने के लिए बेरोजगारों को तमाम परीक्षाएं पास करने के बाद एक साल तक ये भी देखना होगा कि कोर्स का खर्च कहां से आएगा।

प्रदेश में पर्वतीय पटवारियों के पास दोहरी जिम्मेदारी है। उन्हें पर्वतीय जिलों में पुलिसिंग का काम भी देखना होता है और राजस्व महकमे से जुड़े काम भी निपटाने होते हैं। ऐसे में पटवारियों को पुलिस ट्रेनिंग के साथ ही भूलेख और अन्य कई तरीके के प्रशिक्षण से गुजरना होता है। इसके लिए पटवारी प्रशिक्षण और भूलेख प्रशिक्षण संस्थान में एक साल का प्रशिक्षण दिया जाता है।

जाहिर है कि सभी जिलों के चयनित अभ्यर्थियों को इस संस्थान में एक साल का समय गुजारना होगा। प्रशिक्षण एक मार्च 2016 से शुरू होगा। पर्वतीय पटवारी महासंघ के पदाधिकारी बीपी जगूड़ी के मुताबिक पहले पुलिस प्रशिक्षण के दौरान भी यही व्यवस्था थी।

अब यह व्यवस्था बदल दी गई है और पुलिस में प्रशिक्षण के दौरान भत्ता दिया जाता है। जगूड़ी के मुताबिक अल्मोड़ा में पटवारी प्रशिक्षण पर कम से कम डेढ़ लाख रुपए का खर्च आता है।

अधिकारियों के मुताबिक नियमावली में ही यह व्यवस्था है कि पटवारी अपने खर्च पर प्रशिक्षण प्राप्त करें। पटवारियों को प्रशिक्षण हासिल करने के बाद एक और परीक्षा देनी होती है। इस परीक्षा की मेरिट बनती है और इस मेरिट के आधार पर ही उन्हें सेवा में लिया जाता है। इस मेरिट के बाद ही यह माना जाता है कि वे सेवा में है। दूसरी समस्या यह भी है कि  अल्मोड़ा प्रशिक्षण संस्थान में हॉस्टल की व्यवस्था नही है।

ये हैं रिक्त पद
पटवारी
उत्तरकाशी 13
चमोली 20
टिहरी 9
पौड़ी 76
रुद्रप्रयाग 13
नैनीताल 15
अल्मोड़ा 91
पिथौरागढ़ 69
चंपावत 21

लेखपाल के रिक्त पद
देहरादून 6
पौड़ी 4
नैनीताल 19
हरिद्वार 39
उधमसिंहनगर 65
कुल पद 464

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