उत्तराखंड: शिक्षा मंत्री अरविंद पांडेय समेत 100 लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज, लगे गंभीर आरोप
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अवैध खनन के आरोप में चार डंपर सीज करने पर मंगलवार को कुंडेश्वरी पुलिस चौकी में जमकर हंगामा हुआ। आचार संहिता लगी होने के बावजूद 150 से अधिक क्रशर स्वामियों और खनन कारोबारियों ने कैबिनेट मंत्री अरविंद पांडेय के नेतृत्व में चौकी घेर ली।
चौकी प्रभारी से अभद्रता और धक्कामुक्की की गई। चौकी प्रभारी ने किसी तरह बाथरूम में छुपकर अपनी जान बचाई। देर शाम चौकी इंचार्ज की तहरीर पर प्रदेश के शिक्षा मंत्री अरविंद पांडेय समेत 20 लोगों के खिलाफ नामजद, जबकि 100-125 अन्य के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया। पुलिस ने इनमें से चार नामजद आरोपियों को गिरफ्तार भी कर लिया है। कोतवाल चंचल शर्मा ने बताया कि बाकी आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए दबिशें दी जा रही हैं।
मंगलवार सुबह करीब पांच बजे जुड़का में अवैध खनन की सूचना पर चौकी प्रभारी अर्जुन गिरि के नेतृत्व में पुलिस टीम ने दबिश देकर चार डंपर सीज कर दिए। डंपरों को चौकी में लाकर खड़ा करा दिया गया।
इसके विरोध में दर्जनों खनन कारोबारी कुंडेश्वरी स्थित हाईडिल कॉलोनी में एकत्र हो गए। सूचना पर शिक्षा मंत्री अरविंद पांडेय भी आ गए। यहां से खनन कारोबार से जुड़े करीब 150 लोग शिक्षा मंत्री के नेतृत्व में कुंडेश्वरी पुलिस चौकी पहुंच गए।
चौकी प्रभारी अर्जुन गिरि पर गंभीर आरोप लगाते हुए कुछ खनन कारोबारियों ने उनसे गालीगलौज, धक्कामुक्की और हाथापाई शुरू कर दी। चौकी प्रभारी को भीड़ में खींचने का प्रयास भी किया गया।
इस पर गिरी भागकर बाथरूम में घुस गए और दरवाजा अंदर से बंद कर लिया। इस बीच सीओ मनोज कुमार ठाकुर और कोतवाल चंचल शर्मा भी मौके पर पहुंच गए। दोनों अधिकारियों ने मामले की जांच का भरोसा दिलाया, इसके बाद सभी लोग लौट गए।
कुंडेश्वरी चौकी प्रभारी की तहरीर पर 20 लोगों को नामजद करते हुए 100-125 अन्य के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। आरोपियों की गिरफ्तारी की मदद के लिए एक प्लाटून पीएसी मंगाई गई है। दूसरे पक्ष की ओर से कोई शिकायत नहीं मिली है। शिकायत मिलने पर जांच कराई जाएगी।
-डॉ.जगदीश चंद्र, अपर पुलिस अधीक्षक, काशीपुर।
कुंडेश्वरी चौकी में हुए हंगामे का मामला संज्ञान में है। इस मामले में कार्रवाई करते हुए एफआईआर दर्ज कराई जा रही है।
- डॉ.नीरज खैरवाल, जिला निर्वाचन अधिकारी/डीएम।
चुनाव आचार संहिता लगी हुई है, इसलिए मैंने किसी अधिकारी को बुलाना उचित नहीं समझा। लोग काफी आक्रोशित थे, इस वजह से मैं उनके साथ खुद ही चौकी चला गया, जब वहां लोगों ने चौकी प्रभारी से अभद्रता की कोशिश की तो मैंने खुद उन्हें समझाबुझाकर शांत कराया।
- अरविंद पांडेय, शिक्षा मंत्री