एससी-एसटी एक्ट पर हिंसा करने वाले 300 उपद्रवी चिन्हित, 3000 अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज
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एससी/एसटी एक्ट में संशोधन के विरोध में दलितों की ओर से रुड़की और आसपास के क्षेत्रों में किए गए हिंसक प्रदर्शन पर पुलिस ने विभिन्न कोतवालियों और थानों में मंगलवार को तीन हजार से अधिक अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमे दर्ज किए गए।
भगवानपुर में 500 के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया। वीडियो फुटेज के आधार पर तकरीबन 300 लोगों को चिह्नित किया गया है। सिविल लाइंस कोतवाली पुलिस ने आठ लोगों को हिरासत में लिया है।
डीआईजी गढ़वाल पुष्पक ज्योति एवं गढ़वाल कमिश्नर दिलीप जावलकर ने रुड़की, लक्सर, मंगलौर, भगवानपुर आदि कोतवाली व थानों में बैठक कर पुलिस को अतिरिक्त सतर्कता बरतने के निर्देश दिए हैं।
सोमवार को दलित समुदाय के हजारों लोगों ने हिंसक प्रदर्शन किया था। इस दौरान पुलिस और उपद्रवियों के बीच गोलीबारी और कई जगह पथराव हुआ था। इस दौरान लक्सर के मोहम्मदपुर निवासी एक बच्चे के पैर में छर्रे लग गए थे। परिजनों की ओर से घायल को अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
गोलीबारी और पथराव में पुलिसकर्मी समेत 12 लोग घायल हो गए थे। मंगलौर के समीप गोदावरी होटल के पास हिंसक प्रदर्शनकारियों ने एक बस में आगजनी करने के साथ ही दूसरी बस में तोड़फोड़ कर पथराव कर दिया था। उपद्रवी भारी पड़ने पर पुलिस को पीछे हटाना पड़ा था।
इसके बाद देर शाम करीब छह बजे पुलिस ने दोबारा मोर्चा संभालते हुए लाठियां भांजकर उपद्रवियों को खदेड़कर दिल्ली-हरिद्वार हाईवे का जाम खुलवाया था। इस दौरान पुलिस ने 15 लोगों को गिरफ्तार कर मुकदमा दर्ज किया था।
देर रात एडीजी कानून व्यवस्था अशोक कुमार ने रुड़की पहुंचकर हालात का जायजा लिया। मंगलवार को सिविल लाइंस कोतवाली पुलिस ने आठ लोगों को हिरासत में ले लिया है। अब इनके खिलाफ मुकदमे दर्ज किया जा रहा है।
इसके अलावा भी पुलिस ने वीडियो फुटेज के आधार पर करीब 300 लोगों को चिह्नित किया है। एसपी देहात मणिकांत मिश्रा ने बताया कि सभी थानों और कोतवालियों में हजारों अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमे दर्ज किए गए हैं। वीडियो फुटेज के आधार पर बवालियों को चिह्नित किया जा रहा है। जल्द धरपकड़ की कार्रवाई की जाएगी।