Dehradun: राजधानी में बढ़ रहा स्वाइन फ्लू...एक सप्ताह में पांच बच्चे आए पॉजिटिव, रहें सावधान
मौसम में बदलाव की वजह से अस्पतालों में आ रहे हर तीसरे मरीज को खांसी, जुकाम और बुखार की समस्या देखने को मिल रही है।
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दून अस्पताल के बाल रोग विभाग में पिछले सप्ताह स्वाइन फ्लू पॉजिटिव पांच बच्चों को भर्ती कर इलाज किया गया। सभी बच्चे एच1एन1 पॉजिटिव थे। हालांकि स्वास्थ्य विभाग की ओर से इनकी रिपोर्ट जारी नहीं की जा रही है।
मौसम में बदलाव की वजह से अस्पतालों में आ रहे हर तीसरे मरीज को खांसी, जुकाम और बुखार की समस्या देखने को मिल रही है। इसके अलावा सांस की समस्या भी हो रही है। ऐसे में मरीजों की कोविड की जांच के साथ ही इन्फ्लूएंजा जांच भी की जा रही है।
ऐसे मरीजों की इन्फ्लूएंजा जांच की जा रही है, जिसमें निमोनिया की आशंका अधिक होती है। दून अस्पताल के बाल रोग विभाग के डॉ. अशोक कुमार ने बताया कि पिछले सप्ताह पांच बच्चे स्वाइन फ्लू पॉजिटिव आए थे। इन बच्चों को भर्ती कर इलाज किया गया। वहीं, पिछले दो महीने में स्वाइन फ्लू पॉजिटिव नौ बच्चों को भर्ती कर इलाज किया गया है। इन सभी की रिपोर्ट एच1एन1 पॉजिटिव थी।
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स्वाइन फ्लू एक सीजनल इन्फ्लूएंजा है
डॉ. अशोक ने बताया कि स्वाइन फ्लू वाले मरीज अधिक गंभीर होते हैं तो उनमें फेफड़ों में इंफेक्शन, सांस लेने में परेशानी होने लगती है। हालांकि यह एक सीजनल इन्फ्लूएंजा है। इसमें मौसमी जुकाम और बुखार होता है। इससे घबराने की जरूरत नहीं है, लेकिन सावधानी बरतना जरूरी होता है। एक से दूसरे के संपर्क में आने पर यह वायरस बहुत जल्दी फैलता है।
10 साल से कम उम्र के बच्चे अधिक
स्वाइन फ्लू पॉजिटिव बच्चों में एक से 16 साल तक की उम्र के बच्चे आ रहे हैं, लेकिन अधिकतर बच्चे 10 साल से कम उम्र वाले पॉजिटिव आए हैं। इन बच्चों को पांच से छह दिन भर्ती रखना पड़ता है।
संक्रमित बच्चों को स्कूल न भेजें
डॉ. अशोक ने बताया कि अगर किसी बच्चे को स्वाइन फ्लू हुआ है तो उसे स्कूल न भेजें। इससे अन्य बच्चों को भी इंफेक्शन हो सकता है। बच्चों को सर्दी से बचा कर रखें। हालांकि फ्लू वैक्सीन इस तरह के इंफेक्शन से बचा सकती है।