उत्तराखंडः बागियों को मनाने का आज आखिरी दिन
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उत्तराखंड में नामांकन वापसी का बुधवार को अंतिम दिन है। लिहाजा, पार्टी प्रत्याशियों के खिलाफ निर्दलीय उतरे बागियों को मनाने में भाजपा और कांग्रेस ने सीनियर लीडरशिप को उतार दिया है।
भाजपा में डैमेज कंट्रोल की कमान प्रदेश चुनाव प्रभारी और प्रदेश प्रभारी सहित चारों पूर्व सीएम और संगठन के पदाधिकारियों को सौंपी गई है। कांग्रेस ने स्क्रीनिंग कमेटी की चेयरमैन कुमारी शैलजा के साथ अपने केंद्रीय पर्यवेक्षकों को मोर्चे पर उतारा है। दोनों दलों को करीब एक दर्जन सीट पर बागियों ने पसीने छुड़ा रखे हैं।
भाजपा अभी तक तीन सीटों यमकेश्वर में विजय बड़थ्वाल, चौबट्टाखाल में तीरथ सिंह रावत और जसपुर में विनय रोहेला को मनाने में कामयाब रही है। इसके अलावा नौ सीटें और हैं, जहां निर्दलीय पर्चा भर चुके बागियों को मनाने में प्रदेश प्रभारी श्याम जाजू, चुनाव प्रभारी जेपी नड्डा सहित चारों पूर्व सीएम मशक्कत में जुटे हैं।
उधर, मंगलवार की शाम देहरादून पहुंचीं कांग्रेस नेत्री शैलजा, पार्टी के बागियों को नामांकन वापसी के लिए मनाने में जुट गई हैं। इन बागियों को मनाने के लिए मुख्यमंत्री और प्रदेश अध्यक्ष की कोशिशें नाकाम रहीं तो अब आलाकमान ने पर्यवेक्षक के तौर पर उन्हें भेजा है। सहयोग के लिए राष्ट्रीय प्रवक्ता भक्त चरण दास और राष्ट्रीय सचिव व स्क्रीनिंग कमेटी सदस्य अविनाश पांडेय व केंद्रीय पर्यवेक्षक राजकुमार चौहान भी मोर्चे पर हैं।
दोनों पार्टियों के लिए चुनौती
भाजपा की चुनौती
रानीखेत सीट पर अजय भट्ट के खिलाफ प्रमोद नैनवाल, चौबट्टाखाल में सतपाल महाराज के खिलाफ कविंद्र ईष्टवाल, नरेंद्रनगर में सुबोध उनियाल के खिलाफ ओमगोपाल रावत, काशीपुर में हरबजन सिंह चीमा के खिलाफ राजीव अग्रवाल, केदारनाथ में शैलारानी रावत के खिलाफ आशा नौटियाल, गंगोत्री में गोपाल रावत के खिलाफ सूरत राम नौटियाल, डीडीहाट में बिशन सिंह चुफाल के खिलाफ किशन भंडारी, सहसपुर सीट पर सहदेव पुंडीर के खिलाफ लक्ष्मी अग्रवाल और प्रतापनगर विजय सिंह पंवार के खिलाफ राजेश्वर पैन्युली नहीं माने हैं।
कांग्रेस की परेशानी
सहसपुर सीट पर किशोर उपाध्याय के खिलाफ आर्येंद्र शर्मा, धनोल्टी सीट पर निर्दलीय प्रत्याशी प्रीतम पंवार के समर्थन में मनमोहन मल्ल बैठने को तैयार नहीं, किच्छा में सीएम हरीश रावत के खिलाफ शिल्पी अरोड़ा, देवप्रयाग में मंत्री प्रसाद नैथानी के खिलाफ शूरवीर सिंह सजवाण, यमकेश्वर में शैलेंद्र रावत के खिलाफ रेनू बिष्ट, ज्वालापुर में शीशपाल सिंह के खिलाफ बृजरानी, बागेश्वर में बालकृष्ण के खिलाफ रंजीत दास, रुद्रप्रयाग में लक्ष्मी राणा के खिलाफ प्रदीप थपलियाल, भीमताल में रामसिंह केड़ा पार्टी प्रत्याशियों के बड़ा सिरदर्द बने हैं।