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यहां दिन ढलते ही सुनाई देती बस एक आवाज, वजह चौंकाने वाली

Mon, 21 Aug 2017 07:56 PM IST
अमर उजाला ब्यूरो, कोटद्वार
अमर उजाला ब्यूरो, कोटद्वार Updated Mon, 21 Aug 2017 07:56 PM IST
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Lansdon people hide in homes in the evening
लैंसडौन वन प्रभाग की सीमा से सटी ग्राम पंचायत कुंभीचौड़ के गांव में शाम से सन्नाटा पसर जाता है। इसके बाद कोई शोर गुल नहीं। क्योंकि दिन ढलते ही यहां केवल एक ही आवाज सुनाई देती है। वह है गुलदार की। पिछले एक माह से गुलदार की दहशत है। शाम ढलते ही गुलदार ग्रामीणों के खेत और आंगन में टहल रहा है। वह पालतू जानवरों और लोगों पर हमला कर रहा है, लेकिन वन विभाग गुलदार को पकड़ने में नाकाम है। गुलदार की लगातार आमद से गांव में दहशत का माहौल है। ग्राम पंचायत की सैकड़ों की आबादी शाम ढलते ही घरों में दुबकने को मजबूर है। 
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पांच अगस्त शाम को सनेह पट्टी के कुंभीचौड़ गांव में गुलदार ने अपने घर के बाहर काम कर रही कुसुम पंत पर हमला कर दिया था। इसके कारण उसे गंभीर हालत में हिमालयन अस्पताल जौलीग्रांट ले जाना पड़ा था। ऑपरेशन करने के बाद उसकी जान बच सकी। तब से गुलदार गांव में और भी सक्रिय हो गया है। वन विभाग की सुस्त कार्यप्रणाली को लेकर लोगों में आक्रोश है।  
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ग्राम प्रधान दीपक पांडे व सामाजिक कार्यकर्ता महानंद ध्यानी ने वन विभाग पर ग्रामीणों के जीवन को संकट में डालने का आरोप लगाया। कहा कि गुलदार की आमद की लगातार शिकायत करने के बाद भी वन विभाग अपने जंगली जानवरों को ग्रामीण क्षेत्र से नहीं खदेड़ पा रहा है। 
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गुलदार आए दिन शाम को ग्रामीणों के आंगन और घरों के बाहर खेत में टहल रहा है। इसके कारण लोगों को जान का खतरा बना हुआ है। ग्रामीणों ने डीएफओ का घेराव कर गुलदार को आदमखोर घोषित करने की मांग की थी, लेकिन अभी तक उस पर कार्य नहीं हुआ है।  

पिंजरा लगाकर चलता बना विभाग  
वन विभाग की सुस्त कार्यप्रणाली का आलम यह है कि पांच अगस्त को महिला पर हुए गुलदार के हमले के बाद विभाग द्वारा गुलदार को पकड़ने के लिए कार्रवाई नहीं की गई। ग्रामीणों ने चार दिन बाद नौ अगस्त को डीएफओ का घेराव किया। उसके बाद भी विभाग को गांव में पिंजरा लगाने में नौ दिन का समय और लग गया।

वर्तमान में आलम यह है कि 18 अगस्त को विभाग हमले में घायल महिला के घर के पास पिंजरा लगाकर चलता बना। गुलदार पिंजरे के करीब न आकर पूरे गांव में घूम रहा है, लोग खौफ के साए में जीने को मजबूर हैं।  


कुंभीचौड़ गांव में गुलदार की आमद की जानकारी है। स्टाफ की कमी के कारण पूरे समय कर्मचारी गांव में नहीं रह पा रहे हैं। क्षेत्र में गश्त बढ़ाकर गुलदार को पकड़ने के प्रयास किए जाएंगे।  
-एसपी कंडवाल, रेंज अधिकारी  
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