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भाषा से ही होती है व्यक्ति की पहचान
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पर्वतीय राज्य मंच की ओर से रविवार को कुमाऊंनी भाषा दिवस मनाया गया। कार्यक्रम में वक्ताओं ने अपनी भाषा, संस्कृति एवं परंपराओं के संरक्षण पर चर्चा की। वक्ताओं ने कहा कि भाषा से ही व्यक्ति की पहचान होती है। इसलिए जरूरी है कि नई पीढ़ी को अपनी भाषा से जोड़कर रखा जाए।
हरिद्वार रोड स्थित एक रेस्टोरेंट में आयोजित कार्यक्रम में कूर्मांचल सांस्कृतिक एवं कल्याण परिषद शिवालिक रेंज के अध्यक्ष नंदन सिंह बिष्ट ने कहा कि सांस्कृतिक कार्यक्रम, लोक भाषा पर आधारित फिल्म और गीत नई पीढ़ी को अपनी भाषा से जोड़ने का माध्यम हैं। परिषद के महासचिव हरीश सनवाल ने कहा कि उत्तराखंड का आंदोलन केवल एक भूभाग को पाने के लिए नहीं किया गया था, बल्कि अपनी भाषा, संस्कृति एवं परंपराओं को बचाने के लिए था। वहीं, पर्वतीय राज्य मंच के संस्थापक अनुज जोशी ने कहा कि उत्तराखंड आंदोलन में लोगों ने अपनी भाषा एवं संस्कृति को बचाने के लिए अपनी जान दी थी।
इसलिए उत्तराखंड की दोनों मुख्य लोक भाषाओं कुमाऊंनी-गढ़वाली के संरक्षण के लिए यह शुरूआत की गई है। एक सितंबर को कुमाऊं के खटीमा में शहीद लोगों की याद में कुमाऊंनी भाषा दिवस और दो सितंबर को मसूरी कांड के दिन गढ़वाली भाषा दिवस मनाया जाता है। इस दौरान मंच के सचिव गिरीश सनवाल, अध्यक्ष गंभीर सिंह ज्याडा, गीता उनियाल, वंदना सनवाल, गगन वर्मा, दीपक रावत, प्रेमबल्लभ सनवाल, भोपाल सिंह आदि मौजूद रहे।
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हरिद्वार रोड स्थित एक रेस्टोरेंट में आयोजित कार्यक्रम में कूर्मांचल सांस्कृतिक एवं कल्याण परिषद शिवालिक रेंज के अध्यक्ष नंदन सिंह बिष्ट ने कहा कि सांस्कृतिक कार्यक्रम, लोक भाषा पर आधारित फिल्म और गीत नई पीढ़ी को अपनी भाषा से जोड़ने का माध्यम हैं। परिषद के महासचिव हरीश सनवाल ने कहा कि उत्तराखंड का आंदोलन केवल एक भूभाग को पाने के लिए नहीं किया गया था, बल्कि अपनी भाषा, संस्कृति एवं परंपराओं को बचाने के लिए था। वहीं, पर्वतीय राज्य मंच के संस्थापक अनुज जोशी ने कहा कि उत्तराखंड आंदोलन में लोगों ने अपनी भाषा एवं संस्कृति को बचाने के लिए अपनी जान दी थी।
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इसलिए उत्तराखंड की दोनों मुख्य लोक भाषाओं कुमाऊंनी-गढ़वाली के संरक्षण के लिए यह शुरूआत की गई है। एक सितंबर को कुमाऊं के खटीमा में शहीद लोगों की याद में कुमाऊंनी भाषा दिवस और दो सितंबर को मसूरी कांड के दिन गढ़वाली भाषा दिवस मनाया जाता है। इस दौरान मंच के सचिव गिरीश सनवाल, अध्यक्ष गंभीर सिंह ज्याडा, गीता उनियाल, वंदना सनवाल, गगन वर्मा, दीपक रावत, प्रेमबल्लभ सनवाल, भोपाल सिंह आदि मौजूद रहे।
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