{"_id":"688c79dc5ba21bed770bb880","slug":"landslide-scope-increased-below-musaudiar-village-of-block-chamoli-houses-of-17-families-danger-2025-08-01","type":"story","status":"publish","title_hn":"Chamoli: मूसाउडियार गांव के नीचे बढ़ा भूस्खलन का दायरा, गांव के 17 परिवारों के घरों पर बना है खतरा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Chamoli: मूसाउडियार गांव के नीचे बढ़ा भूस्खलन का दायरा, गांव के 17 परिवारों के घरों पर बना है खतरा
Fri, 01 Aug 2025 02:57 PM IST
रेनू सकलानी
संवाद न्यूज एजेंसी, नारायणबगड़ (चमोली)
संवाद न्यूज एजेंसी, नारायणबगड़ (चमोली)
Published by: रेनू सकलानी
Updated Fri, 01 Aug 2025 02:57 PM IST
सार
मूसाउडियार गांव के नीचे जमीन धंसने की प्रक्रिया शुरू हो गई थी। और बीते 10 दिनों में भूस्खलन का दायरा बढ़ते हुए गांव के समीप तक पहुंच गया था।
विज्ञापन
प्रखंड के मूसाउडियार गांव के नीचे भूस्खलन
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
विस्तार
चमोली जिले के प्रखंड के मूसाउडियार गांव के ठीक नीचे भूस्खलन का दायरा बढ़ने से गांव के 17 परिवारों के घरों को खतरा बना हुआ है। एसडीएम के निर्देश पर सिंचाई विभाग के इंजीनियरों ने मूसाउडियार जाकर भूस्खलन की रोकथाम के उपायों पर प्रभावित परिवारों से बातचीत की। इस मौके पर राजस्व उपनिरीक्षक जगदीश ओलिया ने प्रभावित परिवारों को तिरपालें वितरित किए।
विज्ञापन
पिछले माह क्षेत्र में हुई भारी बारिश के कारण मूसाउडियार गांव के नीचे जमीन धंसने की प्रक्रिया शुरू हो गई थी। और बीते 10 दिनों में भूस्खलन का दायरा बढ़ते हुए गांव के समीप तक पहुंच गया था। क्षेत्र के सामाजिक कार्यकर्ता संदीप कुमार पटवाल ने प्रभावित ग्रामीणों के साथ एसडीएम पंकज भट्ट से मुलाकात कर भूस्खलन के कारण गांव को हो रहे खतरे से अवगत कराते हुए इसके रोकथाम के लिए जल्द बचाव कार्य करने का आग्रह किया।
विज्ञापन
और प्रभावित परिवारों और उनके मवेशियों की अस्थाई व्यवस्था के अलावा राशन सामग्री उपलब्ध कराने की गुहार लगाई। एसडीएम पंकज भट्ट ने मामले की गंभीरता को देखते हुए सिंचाई विभाग के अधिशासी अभियंता को मौके का निरीक्षण कर भूस्खलन को रोकने के सुरक्षा कार्यों को करने के निर्देश दिए।
विज्ञापन
ये भी पढ़ें...Uttarakhand Election: गैरसैंण की 21 साल की प्रियंका को सीएम ने फोन करके दी जीत की बधाई, बोले-मिलकर काम करेंगे
इससे पूर्व वर्ष 1993 में बादल फटने के कारण मूसाउडियार में आई बाढ़ से कई आवासीय मकानें और गोशालाएं बह गई थीं।और दर्जनों मवेशी दबकर मर गए थे। उसके बाद गांव के कई परिवार गांव को छोड़ कर अन्य जगहों पर बस गए थे। आज फिर से गांव के 17 परिवारों के सम्मुख फिर से ऐ। समस्या पैदा हो गई है।