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Dehradun: त्यूणी क्षेत्र के गांवों में वन गुर्जरों की जमीन का विवाद गहरा गया, सोशल मीडिया पर धमकी भरी पोस्ट

Mon, 10 Apr 2023 01:19 PM IST
रेनू सकलानी संवाद न्यूज एजेंसी, देहरादून/विकासनगर।
संवाद न्यूज एजेंसी, देहरादून/विकासनगर। Published by: रेनू सकलानी Updated Mon, 10 Apr 2023 01:19 PM IST
सार

चकराता ब्लॉक के त्यूणी क्षेत्र के हेडसू, चांदनी, अटाल, मैंद्रथ, चातरा में 150 से अधिक वन गुर्जर परिवार रहते हैं। स्थानीय हिंदूवादी संगठन रुद्र सेना वन गुर्जर परिवारों पर वन व ग्राम समाज की भूमि पर अवैध कब्जे करके धार्मिक स्थलों का निर्माण करने और बाहर से परिवारों को बुलाकर बसाने का आरोप लगाती रही है। अब यह विवाद गरमा गया है। 

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land dispute of Van Gurjars deepened in villages of Tyuni region Dehradun uttarakhand news
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : i stock

विस्तार

त्यूणी क्षेत्र के गांवों में वन गुर्जरों की जमीन का विवाद गहरा गया है। वन गुर्जरों के उत्पीड़न का आरोप लगाकर मुस्लिम समुदाय के राजधानी में हुए प्रदर्शन से सरकार हरकत में आ गई है। एसएसपी ने इस पूरे मामले में जांच बैठा दी है। सीओ को निर्देश दिए गए हैं कि वे त्यूणी में कैंप करें।

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हालांकि, सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक पोस्ट डालने वालों पर अभी तक कार्रवाई न होने पर सवाल भी खड़े हो रहे हैं। उधर, इस मामले को लेकर आज दस अप्रैल को क्षेत्र में रैली निकालने की चेतावनी देने वाली रुद्र सेना बैकफुट पर आ गई है। उसका कहना है कि रैली निकालने की बात कभी की ही नहीं।
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बता दें कि चकराता ब्लॉक के त्यूणी क्षेत्र के हेडसू, चांदनी, अटाल, मैंद्रथ, चातरा, पुरटाड़, नेवल, सुखेड़, फ्लासू व कटंग में 150 से अधिक वन गुर्जर परिवार रहते हैं। स्थानीय हिंदूवादी संगठन रुद्र सेना वन गुर्जर परिवारों पर वन व ग्राम समाज की भूमि पर अवैध कब्जे करके धार्मिक स्थलों का निर्माण करने और बाहर से परिवारों को बुलाकर बसाने का आरोप लगाती रही है।

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ये कहना रुद्र सेना का
रुद्र सेना के अध्यक्ष राकेश तोमर उत्तराखंडी का कहना है कि वर्ष 1968 के बाद जौनसार बावर अनुसूचित जनजाति क्षेत्र घोषित हो गया था। इसके बाद यहां बाहरी व्यक्ति के नाम जमीन नहीं हो सकती है। लेकिन, क्षेत्र में गुर्जर परिवारों की संख्या लगातार बढ़ रही है। पहले की तुलना में धार्मिक स्थलों की संख्या भी लगातार बढ़ रही है। वह इस पर रोक लगाने की मांग लगातार प्रशासन से कर रहे हैं।

वन गुर्जरों का इनकार
वन गुर्जर परिवार के सदस्य अशरफ अली, लियाकत अली कहते हैं कि गुर्जर समुदाय प्रशासन और क्षेत्र के निवासियों का हमेशा से सहयोगी रहा है। क्षेत्र में गुर्जर परिवारों के पास अपने नाम की जमीनें मौजूद हैं। यह जमीन वर्ष 1968 से पहले की हैं। प्रशासन के दिशा-निर्देशन में जहां कहीं भी अवैध कब्जे हुए हैं उसे वे खुद हटा रहे हैं।

अवैध कब्जों के मामले में प्रशासन पूरी तरह सख्त है। अवैध कब्जों के चिन्हीकरण और उन्हें हटाने में किसी प्रकार की नरमी नहीं बरती जाएगी। -युक्ता मिश्रा, उप जिलाधिकारी, त्यूणी

मुस्लिम सेवा संगठन भी आंदोलन की तैयारी में
वन गुर्जर सांविधानिक रूप से वहां रह रहे हैं। कुछ लोग नफरत की राजनीति कर रहे हैं। तीन दिन पहले हमने शिकायत की थी लेकिन अभी तक कोई कार्रवाई पुलिस ने नहीं की है। इसका स्पष्ट मतलब है कि पुलिस और प्रशासन सरकार के दबाव में काम कर रही है। समुदाय विशेष को बेवजह से निशाना बनाया जा रहा है। अगर पुलिस ने मामले में कार्रवाई न की तो इसके खिलाफ आंदोलन किया जाएगा। -नईम कुरैशी, अध्यक्ष, मुस्लिम सेवा संगठन

आपत्तिजनक पोस्ट पर अभी तक कार्रवाई नहीं
फेसबुक पर वन गुर्जरों को लेकर राकेश उत्तराखंडी की आपत्तिजनक पोस्ट को लेकर पुलिस की ओर से अभी तक कानूनी कार्रवाई न होने पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। मुस्लिम सेवा संगठन के अध्यक्ष नईम कुरैशी की ओर से यह पोस्ट पुलिस को मुहैया कराई गई थी। उनका कहना है कि इसके बावजूद अभी तक पुलिस ने मुकदमा दर्ज नहीं किया है।

कांग्रेस नेता ने डाला डेरा
रुद्र सेना की ओर से आपत्ति जताने के बाद कांग्रेस के एक वरिष्ठ नेता ने क्षेत्र में डेरा डाला हुआ है। कई लोगों का कहना है कि कांग्रेस के वरिष्ठ नेता के इशारे पर ही यह मामला इतना आगे बढ़ा है। कुछ लोगों का ये भी कहना है कि वरिष्ठ नेता ही अपनी राजनीति चमकाने के लिए इसे बढ़ावा दे रहे हैं।

एसएसपी ने बैठाई जांच, सीओ ने किया त्यूणी में कैंप
एसएसपी दलीप सिंह कुंवर ने वन गुर्जरों की जमीन के विवाद की जांच सीओ विकासनगर भास्कर शाह को सौंपी है। रविवार को वह त्यूणी पहुंच गए और क्षेत्र में कैंप कर रहे हैं। सीओ ने बताया कि इस मामले में ग्रामीणों से लगातार बात की जा रही है। साथ ही अवैध कब्जों के बारे में भी जानकारी जुटाई जा रही है। फिलहाल क्षेत्र में पूरी तरह शांति है।

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उधर, रुद्र सेना के अध्यक्ष राकेश तोमर उत्तराखंडी ने कहा कि उन्होंने क्षेत्र से गुर्जरों को जबरन बाहर करने की बात नहीं कही है। सरकारी व गैर सरकारी जमीनो पर अवैध रूप से कब्जे किए जाने की शिकायत उप जिलाधिकारी त्यूणी को दी थी जिसके संबंध में वह सोमवार को उप जिलाधिकारी से शिकायत पर कार्रवाई के बारे में बात करेंगे। उन्होंने दस अप्रैल को रैली या किसी उग्र प्रदर्शन की चेतावनी देने से इनकार करते किया। कहा, वह संविधान और कानून के दायरे में रहकर अवैध कब्जों पर कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।

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