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जमीन पर नजरें गड़ाए हैं माफिया

Fri, 29 Nov 2013 11:11 AM IST
रजा शास्त्री/ अमर उजाला, देहरादून
रजा शास्त्री/ अमर उजाला, देहरादून Updated Fri, 29 Nov 2013 11:11 AM IST
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land captured by land mafia

उत्तराखंड प्रशासन को हाईकोर्ट का फर्जी आदेश दिखाकर 15 एकड़ जमीन पर काबिज होने का मामला देहरादून के नकरौंदा क्षेत्र में इकलौता नहीं है।

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नए विकसित हो रहे इस क्षेत्र में शहर और बाहर के भूमाफियाओं की गिद्ध दृष्टि लगी हुई है। यहां ग्राम समाज की जमीनों पर कब्जा करके धड़ल्ले से बेचा जा रहा है। इस क्षेत्र से अवैध कब्जे की शिकायतें जिलाधिकारी कार्यालय में बराबर आ रही हैं।
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नदी-नालों को पाटकर बेचना शुरू

सदर तहसील क्षेत्र के नकरौंदा क्षेत्र में भूमाफिया पहले ग्राम समाज की जमीन पर कब्जा करते हैं। इसके बाद प्लाटिंग करके बेच देते हैं। भूमाफियाओं ने ग्राम समाज की भूमि के रास्तों के अलावा नदी-नालों को पाटकर बेचना शुरु कर दिया है। यह क्षेत्र एमडीडीए के दायरे में आता है, लेकिन प्राधिकरण के अधिकारी इधर से आंखें मूंदे हुए हैं।

अवैध तरीके से कब्जे की जमीन पर यहां जो मकान बनाए जा रहे हैं, उनमें किसी का नक्शा पास नहीं है। इस चक्कर में क्षेत्र में रास्ते का विवाद पैदा हो रहा है। माफिया जो प्लाटिंग करते हैं उनमें रास्ते की जगह नहीं होती। इस संबंध में भी जिलाधिकारी कार्यालय में शिकायतें आ रही हैं।


अधिकारियों और नेताओं का संरक्षण

इस बावत एक रिटायर्ड फौजी ने अपने अधिकारियों का पत्र लगा प्रार्थना पत्र गुरुवार को जिलाधिकारी कार्यालय में दिया है। भ्रष्टाचार विरोधी संघर्ष समिति के अध्यक्ष वीरेंद्र सिंह पंवार का कहना है कि जमीन की बिक्री करने में भूमाफियाओं को अधिकारियों और नेताओं का संरक्षण मिला है।

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लोगों का कहना है कि लोकल भूमाफियाओं के पीछे कई बड़ी फर्मों और बाहर के बिल्डर खेल कर रहे हैं। जमीन पर काबिज होने के बाद हेराफेरी करके खतौनी में खेल किया जाता है।

इसी क्षेत्र के एक मामले में नायब तहसीलदार के खिलाफ कार्रवाई हो चुकी है। दिल्ली की एक फर्म ने जमीनों में हेराफेरी की थी। इन मामलों की जांच अभी चल रही है।

ऐसे 25 हजार भवनों के मामले में जिनका मानचित्र नहीं बना है। उसके लिए कार्यवाही की जा रही है। वैसे बड़ी योजनाओं के सबके नक्शे पास हैं।
- बंशीधर तिवारी, एमडीडीए सचिव

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