लखीमपुर बवाल: कांग्रेस के लखीमपुर कूच को यूपी पुलिस ने रोका, हिरासत में लिए कई कार्यकर्ता, धरने पर बैठे पूर्व सीएम हरीश रावत
किसान बचाओ, लोकतंत्र बचाओ अभियान के तहत कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने मंडी समिति बाजपुर से लखीमपुर खीरी के लिए कूच किया। इस दौरान पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने कहा कि भाजपा सरकार में लोकतांत्रिक अधिकारों की हत्या की जा रही है।
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उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत और कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल के नेतृत्व में लखीमपुर खीरी कूच कर रहे कांग्रेसियों के जत्थे को यूपी पुलिस ने यूपी की सीमा में घुसने से पहले ही हिरासत में ले लिया। कांग्रेसी टोल पर ही धरने पर बैठ गए, जिससे नैनीताल-बरेली हाइवे जाम हो गया। डेढ़ घंटे तक चले हंगामे के बाद आखिर कांग्रेसियों को लौटना पड़ा। तय हुआ कि कांग्रेस का पांच सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल लखीमपुर खीरी जाएगा। हरीश रावत ने केंद्र और योगी सरकार पर लोकतंत्र की हत्या करने का आरोप लगाया।
बृहस्पतिवार को किसान बचाओ, लोकतंत्र बचाओ अभियान के तहत कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने मंडी समिति बाजपुर से लखीमपुर खीरी के लिए कूच किया। इस दौरान पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने कहा कि भाजपा सरकार में लोकतांत्रिक अधिकारों की हत्या की जा रही है। किसानों को मरने के लिए मजबूर किया जा रहा है। कांग्रेस नेता राहुल गांधी, प्रियंका गांधी ने संघर्ष का बिगुल फूंक दिया है। कांग्रेस पूरी मजबूती के साथ किसानों की आवाज उठा रही है। कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष गणेश गोदियाल ने लखीमपुर खीरी मामले में केंद्रीय गृह राज्य मंत्री अजय मिश्र को बर्खास्त किए जाने, उनके बेटे आशीष मिश्र को गिरफ्तार किए जाने की मांग उठाई है। उसके बाद यात्रा रुद्रपुर होते हुए दोपहर ढाई बजे किच्छा पहुंची।
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इसकी सूचना बरेली के अधिकारियों को लगी तो पुलभट्ठा के निकट बहेड़ी (यूपी) सीमा में स्थित टोल प्लाजा पर भारी पुलिस फोर्स तैनात कर दी गई। कांग्रेसी जैसे ही टोल प्लाजा पर पहुंचे तो सीओ बहेड़ी अजय गौतम और एसडीएम आशुतोष गुप्ता ने उन्हें रोक लिया। जत्थे में 35-40 कारें थीं। यहां पूर्व सीएम हरीश रावत, अल्मोड़ा के सांसद प्रदीप टम्टा, कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल, कार्यकारी अध्यक्ष तिलकराज बेहड़, पूर्व विधायक नारायण पाल ने टोल गेट पर धरना शुरू कर दिया। रावत ने कहा कि तीन कानूनों की वापसी तक संघर्ष जारी रहेगा। मोदी के शासनकाल में बोलने, काम करने की आजादी को छीन लिया गया है, जब तक लखीमपुर खीरी में किसानों को कुचलने वालों की गिरफ्तारी नहीं होती, केंद्रीय राज्यमंत्री को बर्खास्त नहीं नहीं किया जाता तब तक आंदोलन जारी रहेगा।
बाद में एसडीएम बहेड़ी और सीओ बहेड़ी के साथ हुई वार्ता के बाद सभी कांग्रेसी कार्यकर्ताओं की प्रतीकात्मक गिरफ्तारी और रिहाई के बाद मामला निपटा। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने केंद्र और उत्तर प्रदेश सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। इस दौरान पालिकाध्यक्ष दर्शन कोली, मेजर सिंह, रहीस अहमद, सोनू मलिक, सुरेश पपनेजा, रुद्रपुर की पूर्व पालिकाध्यक्ष मीना शर्मा, किसान कांग्रेस के प्रदेश उपाध्यक्ष जितेंद्र सिंह संधू, फिरदौस सलमानी, बबलू चौधरी, अशोक मित्रा आदि मौजूद थे। कांग्रेसियों के धरने की वजह से टोल पर दोनों ओर वाहनों की कतारें लग गईं। डेढ़ घंटे बाद आवागमन सुचारू हो सका।
लखीमपुर जाएगा कांग्रेस का प्रतिनिधिमंडल
देर शाम पूर्व विधायक नारायण पाल ने बताया कि प्रशासन की ओर से उत्तर प्रदेश जाने देने से रोकने के बाद पांच सदस्यीय कमेटी बनाई गई है, जो लखीमपुर जाकर पीड़ित परिवार से मिलेगी। पाल ने बताया कि कमेटी में उनके अलावा कार्यकारी अध्यक्ष तिलक राज बेहड़, अल्मोड़ा के सांसद प्रदीप टम्टा, कार्यकारी कांग्रेस अध्यक्ष भुवन कापड़ी और जसपुर विधायक आदेश चौहान हैं।
रणजीत रावत को सितारगंज से लौटाया
लखीमपुर कूच कर रहे कांग्रेस के कार्यकारी प्रदेश अध्यक्ष रणजीत सिंह रावत को स्थानीय प्रशासन और पुलिस ने अमरिया चौक पर रोक लिया। काफी समझाने के बाद रणजीत रावत समर्थकों के साथ वापस लौट गए। हल्द्वानी से सिडकुल होते हुए सितारगंज की ओर आते हुए कांग्रेस नेताओं के वाहनों को नगर स्थति अमरिया चौक पर प्रशासन व पुलिस ने नाकाबंदी कर अमरिया पीलीभीत बॉर्डर में प्रवेश करने से पहले ही रोक दिया। वे यूपी में प्रवेश करने की जिद में अड़े रहे, जिस पर एसडीएम तुषार सैनी और पुलिस अधिकारी उन्हें समझा बुझाकर सिडकुल चौकी ले गए, जहां से वापस भेज दिया। रणजीत रावत ने केंद्रीय गृह राज्य मंत्री को तत्काल बर्खास्त करने की मांग की। वहां एसएसआई योगेश कुमार, एलआइयू इंचार्ज भाष्कर बडोला, तारा नेगी, सरताज अहमद, मुख्तार अंसारी, लीलाधर जोशी, मोईन खान, नीरज कुमार, दीपक बिष्ट आदि थे।
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पूर्व मुख्यमंत्री हरीश रावत ने कहा कि उत्तराखंड में यकीनन दलित मुख्यमंत्री होना चाहिए। राहुल गांधी ने पंजाब में दलित मुख्यमंत्री बनाकर इसकी शुरुआत कर दी है। हम भी अपने जीवनकाल में उत्तराखंड में दलित के बेटे को सीएम बनने देखना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि भाजपा में चुनाव हारने के डर से असहज की स्थिति है। दावा किया कि एक महीने में भाजपा में भगदड़ की स्थिति होने वाली है।
बृहस्पतिवार को सीतापुर कूच के दौरान एलाइंस कालोनी गेट पर कुछ देर के लिए रुके पूर्व सीएम हरीश रावत ने कहा कि केंद्र, यूपी और उत्तराखंड की सरकार तानाशाही रवैया अपना रही हैं। तीन काले कानूनों को रद्द करने की मांग को लेकर छह सौ से अधिक किसान जान दे चुके हैं। कानूनों का विरोध करने पर हरियाणा में पुलिस डंडे से पीट रही है और यूपी में केंद्रीय मंत्री के बेटे ने गाड़ी से किसानों और पत्रकार को कुचलकर मार डाला। दुखी किसान परिवारों के आंसू पोंछने गईं प्रियंका गांधी को बिना जुर्म हिरासत में रखा गया। यह लड़ाई तब तक चलेगी जब तक तीनों कानून रद्द नहीं हो जाते हैं।