अब रामगंगा में बनी झील उत्तराखंड में मचाएगी तबाही
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उत्तराखंड के पिथौरागढ़ जिले में थल-मुनस्यारी सड़क पर हरड़िया नाले के पास लगातार दरक रही पहाड़ी खतरे का सबब बनती जा रही है।
पहाड़ी का मलबा और बोल्डर रामगंगा में जमा होने से 800 मीटर लंबी झील बन गई है। झील टूटी तो नाचनी कस्बे के साथ ही कई गांवों के लिए खतरा का सबब बन सकती है।
पिछले कई साल से दरक रही हरड़िया की पहाड़ी इस बार और तेजी से दरक रही है। पहाड़ी से गिर रहा मलबा और बड़े-बड़े बोल्डर हरड़िया नाले से 60 मीटर दूर रामगंगा में जमा हो रहे हैं।
नदी की तलहटी में पांच मीटर नीचे तक बोल्डर चले गए हैं। उक्त स्थान से भैंसखाल की ओर 20 फीट गहरी और 800 मीटर लंबी झील बन गई है।
तत्काल कदम उठाने की मांग
मात्र एक जगह से थोड़े पानी की निकासी हो रही है। अगर झील टूटती है तो नाचनी, फल्याटी, रिंगूनियागांव में भारी तबाही मच सकती है।
नाचनी बाजार नदी तल से मात्र 4 मीटर की ऊंचाई पर है। तालाब टूटने पर 40 मकान इसकी चपेट में आ जाएंगे। लोगों ने नदी में झील के पानी की निकासी के लिए तत्काल कदम उठाने की मांग की है।
लोगों का कहना है कि पिछले कई सालों से हरड़िया में पहाड़ी दरक रही है और इससे सड़क भी बंद होती रहती है। बावजूद इसके प्रशासन इस समस्या का ठोस हल नहीं खोज पाया है। जो कि कभी भी व्यापक जनहानि का सबब बन सकती है।
रामगंगा में बने तालाब के पानी की निकासी के आदेश सिंचाई विभाग के अधिकारियों को दिए गए हैं। जल्द ही पानी की निकासी कर दी जाएगी।
- एचसी सेमवाल, जिलाधिकारी पिथौरागढ़