ये वीरांगनाएं करेंगी कैलाश मानसरोवर यात्रा की सुरक्षा, मिली है खास ट्रेनिंग
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कैलाश मानसरोवर पैदल यात्रा मार्ग पर गुंजी से लिपुलेख तक की सुरक्षा की जिम्मेदारी आईटीबीपी की ये 15 खास महिला कमांडो संभालेंगी। आईटीबीपी की सातवीं वाहनी ने 15 महिला कमांडो की तैनाती कर दी है।
इनको गुंजी से आगे के रास्ते की स्थिति की जानकारी दी जा रही है। आईटीबीपी कैलाश मानसरोवर यात्रा के संचालन में मदद करती है। यात्रियों को मेडिकल सुविधा के साथ साथ सुरक्षा भी आईटीबीपी ही प्रदान करती है।
आईटीबीपी के सेनानी महेंद्र प्रताप ने बताया कि गुंजी से लेकर लिपुलेख तक 32 किलोमीटर में सुरक्षा का जिम्मा आईटीबीपी की सातवीं वाहिनी के पास रहेगा। इसके लिए वाहिनी ने अपने पुरुष जवानों के अलावा 15 महिला कमांडो की तैनाती गुंजी में कर दी है। अभी यह महिला जवान गुंजी पोस्ट में ड्यूटी दे रही हैं और यात्रा मार्ग की स्थिति का निरीक्षण कर रही हैं।
ये हिम वीरांगनाएं किसी से कम नहीं
सेनानी महेंद्र प्रताप ने बताया कि ये हिम वीरांगनाएं किसी भी मामले में पुरुष जवान से कम नहीं है। कहा, कैलाश यात्रियों के गुंजी पहुंचते ही कुछ और जवान तैनात किए जाएंगे जो गुंजी से कालापानी, नाभीढांग, लिपुलेख तक चप्पे चप्पे में नजर रखेंगे।
कैलाश मानसरोवर यात्रियों के हर दल में महिला यात्रियों की भी अच्छी खासी संख्या होती है। उनको किसी प्रकार की दिक्कत न उठानी पड़े इसके लिए आईटीबीपी की ओर से पुख्ता प्रबंध किए जाते हैं।
कैलाश मानसरोवर यात्रियों का प्रथम दल 13 जून को धारचूला पहुंचेगा। 14 जून से दल की पैदल यात्रा शुरू हो जाएगी। इस बार पहाड़ों में समय से पहले ही असामान्य बारिश होने से यात्रा संचालन में दिक्कतें आ सकती हैं।