#LadengeCoronaSe: संक्रमित ट्रेनी आईएफ़एस की रिपोर्ट निगेटिव, इलाज कर रहे डॉक्टरों ने ली राहत की सांस
- डॉक्टरों की टीम ने कहा, दूसरी रिपोर्ट आने के बाद ही समझा जाएगा पूरी तरह स्वस्थ
- विशेषज्ञों के मुताबिक फेफड़े तक संक्रमण नहीं होने से बची ट्रेनी आईएफ़एस अफसर की जिंदगी
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
देश-दुनिया में कोरोना वायरस को लेकर मची हायतौबा के बीच देहरादून से एक राहत भरी खबर आई है। पिछले एक सप्ताह से दून अस्पताल में भर्ती ट्रेनी आईएफएस की पहली जांच रिपोर्ट निगेटिव आई है।
रिपोर्ट निगेटिव मिलने के साथ ही ट्रेनी अफसरों का इलाज कर रहे डॉक्टरों व पैरामेडिकल की टीम ने राहत की सांस ली है। हालांकि इलाज कर रहे डॉक्टरों की टीम का कहना है कि अभी ट्रेनी अफसरों को 14 दिन तक और निगरानी में रखा जाएगा और दूसरी रिपोर्ट निगेटिव मिलने के साथ ही उसे पूरी तरह स्वस्थ समझा जाएगा।
स्वास्थ्य महानिदेशक डॉ. अमिता उप्रेती ने बताया कि ट्रेनी आईएफएस का सैंपल हल्द्वानी लैब भेज गया था, जिसमें रिपोर्ट निगेटिव आई हैजो राहत भरी खबर है। लेकिन अभी एक और सैंपल जांच को भेज जाएगा। उसकी रिपोर्ट निगेटिव आने के बाद ही पूरी तरह स्वस्थ माना जायेगा।
दो बार पुन: जांच पर रिपोर्ट निगेटिव आने पर ही व्यक्ति को स्वस्थ कहा जाता है
विश्व स्वास्थ्य संगठन के अनुसार पॉजिटिव केस में कम से कम दो बार पुन: जांच पर रिपोर्ट निगेटिव आने पर ही व्यक्ति को स्वस्थ कहा जाता है। बहरहाल, प्रशिक्षु आईएफएस का उपचार करने वाली डॉक्टरों की टीम रिपोर्ट से उत्साहित है। नोडल अधिकारी डॉ अनुराग अग्रवाल ने बताया कि मरीज को मलेरिया के इलाज में प्रयोग की जाने वाली कोलोरोक्वीन दी गयी थी।
बताया कि वायरस का असर मरीज के फेफड़ों में नहीं था। जो राहत देने वाली बात थी। मरीज पर पूरी नजर रखी जा रही है। इंदिरा गांधी नेशनल फॉरेस्ट अकेडमी के एडिशनल डायरेक्टर एसके अवस्थी ने बताया कि ट्रेनी आईएएस अफसर की रिपोर्ट निगेटिव आई है, उम्मीद है कि तीनों आईएफएस इलाज कराकर सकुशल अकेडमी में लौटेंगे। संस्थान के सभी अधिकारी, साथी आईएफएस अधिकारी व कर्मचारी उनके जल्द स्वस्थ होने की कामना कर रहे हैं।