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#ladengecoronase: बच्चों को मौसी के पास भेज सेवा में लगा दून अस्पताल का डॉक्टर दंपती

Sat, 18 Apr 2020 03:13 PM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal न्यूज़ डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
न्यूज़ डेस्क, अमर उजाला, देहरादून Published by: Nirmala Suyal Nirmala Suyal Updated Sat, 18 Apr 2020 03:13 PM IST
सार

  • कोरोना से जंग में दून अस्पताल में सेवाएं दे रहे हैं डॉक्टर पति-पत्नी

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ladenge corona se: corona fighter dehradun doctor couple
सांकेतिक तस्वीर - फोटो : पेक्सेल्स

विस्तार

कोरोना मरीजों के इलाज के लिए राजकीय दून मेडिकल अस्पताल के वरिष्ठ पल्मनोलॉजिस्ट डॉ. अनुराग अग्रवाल 24 घंटे तत्पर रहते हैं। उनकी पत्नी जौली अग्रवाल भी दून अस्पताल में डॉक्टर हैं। वह भी नियमित रूप से अन्य मरीजों को देखती हैं।

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मरीजों की देखरेख के चलते बच्चों के लिए समय न मिल पाने और कोरोना संक्रमण के खतरे से बचाने के लिए उन्होंने बच्चों को उनकी मौसी के पास भेजा हुआ है। डॉ. अनुराग अग्रवाल ने बताया कि आजकल सामान्य दिनों की अपेक्षा अधिक समय अस्पताल में बीत रहा है।

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संक्रमण के खतरे की आशंका से इंकार नहीं किया जा सकता

उनकी पत्नी डॉ. जौली अग्रवाल भी दून अस्पताल में एनाटॉमी विभाग में हैं। दोनों नियत समय पर अस्पताल पहुंचते हैं। इसलिए घर का काम भी दोनों मिलकर करते हैं। सांस एवं छाती रोग विशेषज्ञ होने के नाते डॉ. अनुराग रोजाना कोरोना संक्रमित मरीजों के इलाज के लिए सीधे उनके संपर्क में रहते हैं।

हालांकि इस दौरान वे पूरा पर्सनल प्रोटेक्शन एग्जामिनेश (पीपीई) किट पहनते हैं। फिर भी संक्रमण के खतरे की आशंका से इंकार नहीं किया जा सकता। रात को अस्पताल से दस बजे तक घर पहुंच पा रहे हैं। हालांकि उनकी पत्नी दूूसरे विभाग में होने के कारण अस्पताल से निर्धारित समय पर घर पहुंच जाती हैं।

बच्चों को मौसी के पास हरिद्वार भेजा

उनके दो बच्चे हैं। बेटा 11वीं कक्षा में है और बेटी पांचवीं में है। समय की कमी और संक्रमण के खतरे के मद्देनजर उन्होंने बच्चों को उनकी मौसी के पास हरिद्वार भेजा हुआ है। डॉ. अनुराग अग्रवाल कहते हैं कि डॉक्टर और अन्य स्वास्थ्यकर्मी कोरोना से निपटने के लिए कई चुनौतियों से जूझ रहे हैं।

यह सब वह समाज के हित में ही कर रहे हैं। ऐसे में उनका मनोबल बढ़ाएं। साथ ही लोगों से अपील की है कि वे एक दूसरे से उचित दूरी बनाए रखें। सरकार के साथ ही स्वयंसेवी संस्थाएं भी जरूरतमंदों की सेवा कर रही हैं। एक दूसरे से उचित दूरी बनाकर ही कोरोना के खतरे को रोका जा सकता है।

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