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चैंपियन को नोटिस, हाईकमान से भी शिकायत

Tue, 08 Oct 2013 09:19 PM IST
अमर उजाला, देहरादून
अमर उजाला, देहरादून Updated Tue, 08 Oct 2013 09:19 PM IST
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kunwar pranav champion got notice by party

वन विकास निगम के अध्यक्ष कुंवर प्रणव सिंह चैंपियन की बयानबाजी से कांग्रेस में एक और बवाल उठ खड़ा हुआ है। सुबह तक चुप बैठी कांग्रेस दोपहर बाद सहयोगी दलों के दबाव के कारण चुप्पी तोड़ने को विवश हुई।

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कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष यशपाल आर्य के कहने पर कांग्रेस राज्य अनुशासन समिति ने प्रणव को कारण बताओ नोटिस जारी किया। आर्य का कहना है कि अनुशासनहीनता का मामला पाया गया तो निश्चित तौर पर कार्यवाही होगी। वहीं देर शाम इस प्रकरण की पूरी जानकारी दस जनपथ को भी मुहैया करा दी गई।
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कृषि मंत्री हरक सिंह के भोज के दौरान गोली चलाने का मामला अभी तक शांत नही हुआ है। अब एक बार फिर से कुंवर प्रणव बवाल में फंस गए हैं। इस बार उनका अनाप शनाप बोलना कांग्रेस में बवाल का कारण बना। गोली चलाने वाले मामले में स्पीकर गोविंद सिंह कुंजवाल के मुखर होने के बाद सरकार हरकत में आई थी।
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सहयोगी मंत्रियों का दबाव

इस बार सरकार के सहयोगी मंत्रियों का दबाव काम आया। दोपहर पूर्व तक कांग्रेस इस मामले पर कन्नी काटती हुई दिख रही थी। राज्य अनुशासन समिति के अध्यक्ष नरेंद्र भंडारी का साफ कहना था कि शिकायत नहीं मिली है। शिकायत मिलेगी तो जरूर कार्यवाही होगी। इसके बाद सहयोगी मंत्रियों की बैठक हुई तो मुख्यमंत्री विजय बहुगुणा हरकत में आए।

यशपाल आर्य ने पुष्टि की
इसी दबाव का नतीजा रहा कि कांग्रेस अनुशासन समिति ने दोपहर बाद कुंवर प्रणव को कारण बताओ नोटिस जारी किया। खुद कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष यशपाल आर्य ने इसकी पुष्टि की। आर्य के मुताबिक प्रणव से 24 घंटे के अंदर स्पष्टीकरण मांगा गया है। अगर जवाब से अनुशासन समिति संतुष्ट नहीं होती तो कार्यवाही होगी। दूसरी ओर देर शाम इस सारे प्रकरण की जानकारी दस जनपथ को भी मुहैया करा दी गई। पार्टी की ओर से हाईकमान को भेजे फैक्स में कहा गया कि विधायक के आचरण से पार्टी की छवि प्रभावित हो रही है और सहयोगी मंत्री भी नाराज हो रहे हैं। ऐसे में सरकार की स्थिरता पर फर्क पड़ सकता है।


यह पहले ही स्पष्ट किया जा चुका है कि जो भी नाराजगी है उसे पार्टी फोरम पर ही रखा जाए। विधानसभा में नेता सदन और मुख्यमंत्री से बात की जा सकती है। इसके बाहर प्रदेश अध्यक्ष से बात की जा सकती है। निश्चित तौर पार्टी इस सारे प्रकरण का संज्ञान ले रही है।
-विजय सारस्वत, प्रदेश संगठन महामंत्री

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