फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Dehradun News ›   Kumbh Mela 2021: Monkey Will Give Trouble in Kumbh, Forest officers left Monkey after Sterilization

Kumbh Mela 2021: कुंभ में बंदर बन सकते हैं मुसीबत, बंध्याकरण के बाद हरिद्वार में ही छोड़ रहा वन विभाग

Fri, 23 Oct 2020 11:13 PM IST
अलका त्यागी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून Published by: अलका त्यागी Updated Fri, 23 Oct 2020 11:13 PM IST
विज्ञापन
Kumbh Mela 2021: Monkey Will Give Trouble in Kumbh, Forest officers  left Monkey after Sterilization
प्रतीकात्मक तस्वीर - फोटो : Pixabay

कुंभ की तैयारी में जुटी सरकार को वन विभाग की एक छोटी सी लापरवाही से खासी मुसीबत का सामना करना पड़ सकता है। अलग-अलग डिवीजनों से चिड़ियापुर में बंध्याकरण के लिए लाए गए बंदरों को वन विभाग के कर्मचारी यहीं छोड़ दे रहे हैं। ये बंदर कुंभ में मुसीबत बन सकते हैं।  

विज्ञापन


प्रदेश में डेढ़ लाख से अधिक बंदर हैं और इनकी संख्या बढ़ती ही जा रही है। ये बंदर अब वन विभाग की लापरवाही से कुंभ नगरी के लिए भी मुसीबत का सबब बन सकते हैं। हरिद्वार में चिड़यापुर में वन विभाग का सबसे बड़ा बंदर बंध्याकरण केंद्र है। इस केंद्र में करीब 16 हजार बंदरों का बंध्याकरण किया गया है।
विज्ञापन


यह भी पढ़ें: Kumbh Mela 2021: कुंभ के लिए 154 करोड़ के चार कार्यों को हरी झंडी, शासन ने जारी किया बजट
विज्ञापन
विज्ञापन


इन बंदरों को यहीं छोड़ा जा रहा है। खुद वन विभाग के अधिकारी मान रहे हैं कि बंदरों को हरिद्वार में ही छोड़ने की यही रफ्तार रही तो आने वाले दिनों में लोगों को खासी परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। वह भी तब जब कुंभ का आयोजन नजदीक है और बड़ी संख्या में यहां लोग जुटने हैं। 

अल्मोड़ा सेंटर का होगा निरीक्षण

वन विभाग के पास इस समय प्रदेश में कुल तीन बंदर बंध्याकरण केंद्र हैं। इनमें से चिड़ियापुर का केंद्र सबसे बड़ा है। इसके अलावा रानीखेत और अल्मोड़ा में भी बंध्याकरण केंद्र हैं। अल्मोड़ा के बंध्याकरण केंद्र में खास काम न होना भी वन विभाग के लिए परेशानी का सबब बना हुआ है। जयराज ने इस केंद्र के निरीक्षण के आदेश दिए हैं।

कहां कितना बंध्याकरण
चिड़ियापुर-15956
रानीबाग हल्द्वानी-5000

जहां के बंदर हैं, वहीं छोड़ें : जयराज
हाल ही में वन विभाग की एक बैठक में हरिद्वार पशु चिकित्साधिकारी ने वन विभाग के अधिकारियों को यह जानकारी दी। इस पर प्रमुख वन संरक्षक जयराज ने खासी नाराजगी जाहिर की। वन प्रमुख ने कहा कि जिस प्रभाग से बंदरों को लाया जा रहा है, उन्हें वहीं छोड़ा जाए। अगर ऐसा नहीं किया जाता है तो लापरवाही को गंभीरता से लिया जाएगा। 

कैंपा से भी बनाए जाएंगे चार बड़े बंदरबाड़े
बंध्याकरण में खास सफलता न मिलने से परेशान वन विभाग चार बंदर बाड़े भी बना रहा है। योजना यह है कि बड़े क्षेत्र में ये बाड़े इस तरह से बनाए जाएं कि अपने प्राकृतिक आवास में बंदर रह भी सकें और क्षेत्र से बाहर भी न निकल पाएं। इस मामले में वन मुख्यालय ने मुख्य वन संरक्षक कुमाऊं और मुख्य वन संरक्षक गढ़वाल से रिपोर्ट देने को कहा है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed