कुंभ कोविड जांच फर्जीवाड़ा : फर्जीवाड़े में फंस सकते हैं मेला प्रशासन के अफसर
कोविड जांच फर्जीवाड़े में नामजद की गई मैक्स कॉरपोरेट सर्विस दिल्ली, नलवा लैब हिसार, डॉक्टर लाल चंदानी लैब सेंट्रल दिल्ली के संचालकों से एसआईटी की टीम लगातार पूछताछ कर रही है।
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कुंभ के दौरान कोविड जांच फर्जीवाड़े के मामले में फर्म और लैब पर शिकंजा कसने के साथ ही अब कुंभ मेला प्रशासन से जुड़े अधिकारियों को नामजद किए जाने की तैयारी है। स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (एसआईटी) ने पहले से दर्ज मुकदमे में गैर जमानती धारा 467 बढ़ाई है।
कोरोना जांच में फर्जीवाड़ा : फर्म और लैब संचालकों के बयानों में उलझी एसआईटी
कोविड जांच फर्जीवाड़े में नामजद की गई मैक्स कॉरपोरेट सर्विस दिल्ली, नलवा लैब हिसार, डॉक्टर लाल चंदानी लैब सेंट्रल दिल्ली के संचालकों से एसआईटी की टीम लगातार पूछताछ कर रही है। आरोपी फर्म और लैब के प्रतिनिधियों का आमना-सामना कराया जा रहा है।
आठ दिनों से मैक्स के पार्टनर शरत और मल्लिका पंत, नलवा लैब हिसार के संचालक नवतेज नलवा, डॉक्टर लाल चंदानी लैब के संचालक अर्जन लाल चंदानी व उनके बेटे पवन लाल चंदानी और डीलर अनुदेश गोयल से हुई पूछताछ के बाद अब पुलिस के हाथ कुछ कड़ियां लगी हैं।
विभिन्न धाराओं में नगर कोतवाली पुलिस ने मुकदमा दर्ज
मालूम हो कि मुख्य चिकित्साधिकारी डॉक्टर एसके झा की तहरीर पर महामारी अधिनियम 3, आपदा प्रबंधन अधिनियम 2005 की 53 धारा, 120 बी, 188, 269, 270, 420, 468, 471 धाराओं में नगर कोतवाली पुलिस ने मुकदमा दर्ज किया था।
अब एसआईटी की टीम ने दर्ज मुकदमे में 467 धारा भी बढ़ा दी है। बताया जा रहा है कि एसआईटी की जांच में सामने आया है कि कूटरचना कर फर्जी दस्तावेज बनाए गए हैं। ऐसे में अब मेले प्रशासन से जुड़े अधिकारियों पर भी मुकदमे दर्ज हो सकते हैं। इस धारा के बढ़ने से फर्म व लैब संचालकों के साथ ही मेला प्रशासन के कुछ अधिकारियों की मुश्किलें बढ़ सकती हैं। एसआईटी के प्रभारी राकेश रावत ने बताया कि कोरोना जांच घोटाले में लगातार जांच की जा रही है।
गैर जमानती है धारा 467
एसआईटी की ओर से पहले से दर्ज मुकदमे में बढ़ाई गई धारा 467 गैर जमानती है। इस धारा में 10 साल से लेकर आजीवन तक की सजा का भी प्रावधान है। बता दें कि हाईकोर्ट से फर्म व लैब व संचालकों को रिलीफ मिला हुआ था।