जिन्ना की इस बात से सहमत थे दिवंगत सांसद नैयर, भारत-पाक के रिश्ते पर किए थे ये सवाल
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दुनिया के जाने माने पत्रकार, पूर्व सांसद कुलदीप नैयर मोहम्मद अली जिन्ना की इस बात से पूरी तरह से सहमत थे। वे हमेशा से ही भारत और पाकिस्तान के बीच हमेशा बेहतर रिश्तों के समर्थक थे। वह चाहते थे कि दोनों देश एक दूसरे के सुख-दुख के साथी बने।
कई बार उन्होंने दोनों देशों के बीच रिश्तों में आ रही कड़वाहट में चिंता जताई थी। वर्ष 2006 में हरिद्वार प्रेस क्लब की नवगठित कार्यकारिणी के शपथ ग्रहण के अवसर पर भारत और पाकिस्तान के रिश्तों पर आयोजित संगोष्ठी में बतौर मुख्य अतिथि शामिल होने आए कुलदीप नैयर ने आजादी की लड़ाई और फिर भारत पाकिस्तान के बंटवारे के समय के अनेक किस्से सुनाए थे।
उन्होंने दोनों देशों की सरकारों से तलखियां कम करके एकजुटता पर जोर दिया था। उनका मानना था कि भारत और पाकिस्तान के बंटवारे के समय तत्कालीन हुक्मरानों ने जिस तरह के दो पड़ोसी देशों की कल्पना की थी तस्वीर उससे जुदा है, जिसे बदलना चाहिए। उन्होंने अपने संबोधन में यह भी बताया था कि पाकिस्तान के संस्थापक रहे मोहम्मद अली जिन्ना लाहौर के कालेज में बंटवारे की प्रक्रिया के दौरान आए थे।
मोहम्मद अली जिन्ना से पूछे थे ये सवाल
कुलदीप नैयर के अनुसार वे उस कालेज के छात्र थे और सवाल जवाब के बीच उन्होंने मोहम्मद अली जिन्ना से पूछा था कि बंटवारा होने पर दोनों देशों के संबंध कैसे होंगे। तब उन्होंने कहा कि ये छोटे और बड़े भाई की तरह होंगे, एक दूसरे के सुख दुख के साथी बनेंगे। कुछ छात्रों के सवालों के जवाब में जिन्ना ने यहां तक कहा कि यदि कोई तीसरा देश हिंदुस्तान पर हमला कर देता है तो पाकिस्तान की सेना आगे बढ़कर हिंदुस्तान के लिए लड़ेगी।
हरिद्वार में हुई इस गोष्ठी को सुनने के लिए बड़ी संख्या में लोग जुटे थे और भारत पाकिस्तान को लेकर नैय्यर जी की चिंता और सभी ने सहमति भी जताई थी। प्रेस क्लब पूर्व अध्यक्ष सुनील दत्त पांडे और डा. रजनीकांत शुक्ला ने बताया कि कुलदीप नैय्यर भारत और पाकिस्तान के रिश्तों को लेकर बेहद ही गंभीर थे।
वह हमेशा दोनों देशों के बीच बेहतरी चाहते थे। पूर्व विधायक अंबरीष कुमार ने कुलदीप नैयर के निधन पर दुख जताते हुए कहा कि वह दुनिया में कलम सशक्त प्रहरी के रूप में भारत-पाक प्रतिनिधित्व करते थे। प्रेस क्लब के पूर्व अध्यक्ष प्रोफेसर पीएस चौहान और आदेश त्यागी ने भी कुलदीप नैयर को कलम का धनी बताते हुए उनके निधन पर शोक जताया।