यह है 'कुकू माथुर' की पर्दे के पीछे की कहानी
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दून का एक और सितारा बॉलीवुड की दुनिया में छाने को तैयार है। इस सितारे का नाम है सिद्धार्थ गुप्ता।
बीते बृहस्पतिवार को रिलीज हुई पहली फिल्म ‘कुकू माथुर की झंड हो गई’ में उनकी अदाकारी खूब सराही जा रही है।
खास बात यह है कि इस फिल्म में लीड रोल के लिए कई बड़े नाम दावेदार थे, लेकिन सिद्धार्थ ने अपनी अदाकारी से सभी को हैरान कर दिया।
कैंब्रियन हॉल से बारहवीं पास करने वाले जीएमएस रोड निवासी सिद्धार्थ गुप्ता के पिता मानिक गुप्ता ट्रांसपोर्टर हैं तो मां शारदा गृहिणी हैं।
किस्मत भी अच्छी थी...
सिद्धार्थ ने बताया कि जब वे बाला जी टेलीविजन की इस फिल्म के लिए ऑडीशन देने पहुंचे तो वहां कई ऐसे चेहरे थे जो बॉलीवुड में अपनी पहचान बना चुके थे।
मन में घबराहट जरूर थी, लेकिन मेहनत पर भरोसा भी था। किस्मत भी अच्छी थी, क्योंकि छह महीने से एकता कपूर को इस फिल्म के लिए मनचाहा चेहरा नहीं मिल पा रहा था।
ऑडीशन में कुछ कलाकारों को चुना गया, लेकिन अंत में सिद्धार्थ को ही लीड रोल के लिए परफेक्ट माना गया।
सिद्धार्थ ने बताया कि फिल्म की शूटिंग दिल्ली, मुंबई और नैनीताल में हुई थी। ये दो दोस्तों की कहानी है। सिद्धार्थ के दोस्त की भूमिका आशीष जुनेजा ने निभाई है।
फिल्म में कुकू माथुर (सिद्धार्थ) एक रेस्तरां खोलना चाहता है, लेकिन उसकी हर कोशिश मजाक का कारण बन जाती है।
पापा चाहते थे कि इंजीनियर बने बेटा
शुरू से ही सिद्धार्थ की गिनती मेधावी छात्रों में होती थी। 92 प्रतिशत अंकों के साथ 12वीं करने के बाद कंप्यूटर साइंस से इंजीनियरिंग करने के लिए सिद्धार्थ दुबई चले गए।
पापा चाहते थे कि वह इंजीनियर बने, लेकिन सिद्धार्थ का सपना कुछ और ही था।
सिद्धार्थ ने बताया कि मैंने अपने अभिभावकों से छह महीने का समय मांगा और वादा किया कि बॉलीवुड में कोई काम नहीं मिला तो मैं इंजीनियर ही बनूंगा।
घर वालों की सहमति के बाद सिद्धार्थ मुंबई में थियेटर से जुड़ गए। दो ही महीने में ऑडीशन के बाद इस फिल्म के लिए सलेक्शन हो गया।
सिद्धार्थ ने बालाजी टेलीविजन के साथ कुल तीन फिल्में साइन की हैं। बाकी दो फिल्मों पर जल्द काम शुरू होने की उम्मीद है।