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विरोध स्वरूप एसडीएम की गुमशुदगी दर्ज कराने कोतवाली पहुंचे आंदोलनकारी
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विकासनगर। विभिन्न मांगों को लेकर भारत संवैधानिक अधिकार संरक्षण मंच का तहसील में धरना नौवें दिन भी जारी रहा। इसके विरोध में कार्यकर्ताओं ने कोतवाली पहुंच कर पुलिस को एसडीएम की गुमशुदगी की तहरीर दी।
राष्ट्रीय संयोजक दौलत कुंवर ने कहा कि 25 फरवरी से पछवादून के किसानों की समस्याओं को लेकर आंदोलनकारी अनिश्चितकालीन धरने पर बैठे हैं, लेकिन आज तक एसडीएम धरनास्थल पर किसानों से नहीं मिले। उन्होंने कहा कि मांगों का समाधान एसडीएम स्तर से ही होना है, लेकिन एसडीएम लगातार उपेक्षा कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि हथियारी परियोजना के विस्थापितों की अनुग्रह राशि का ब्याज सहित भुगतान, धान और गन्ना किसानों के भुगतान और मटोगी में चारागाह की भूमि को अतिक्रमण से मुक्त कराने की मांग को लेकर मंच आंदोलित है, लेकिन शासन-प्रशासन मांगों पर गौर करने को तैयार नहीं है। उन्होंने कहा कि मांग न माने जाने पर परियोजना में किए जा रहे काम को बंद करवाया जाएगा, जिसकी जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी। उधर, एसडीएम सौरभ असवाल ने बताया कि वह विधानसभा सत्र की ड्यूटी में गैरसैंण में हैं। इस मौके पर स्वराज चौहान, लक्ष्मी देवी, विमला देवी, दौलत सिंह, विपिन कुमार, धनीराम, विकेश कुमार, श्यामलाल, जनक, सुरेंद्र सिंह, गंभीर सिंह, रोहित तोमर, महेंद्र सिंह, जगदीश सिंह, लालाराम पाल, श्रीपाल, सुरेंद्र कुमार, प्रमोद कुमार और नारायण सिंह आदि शामिल रहे।
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राष्ट्रीय संयोजक दौलत कुंवर ने कहा कि 25 फरवरी से पछवादून के किसानों की समस्याओं को लेकर आंदोलनकारी अनिश्चितकालीन धरने पर बैठे हैं, लेकिन आज तक एसडीएम धरनास्थल पर किसानों से नहीं मिले। उन्होंने कहा कि मांगों का समाधान एसडीएम स्तर से ही होना है, लेकिन एसडीएम लगातार उपेक्षा कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि हथियारी परियोजना के विस्थापितों की अनुग्रह राशि का ब्याज सहित भुगतान, धान और गन्ना किसानों के भुगतान और मटोगी में चारागाह की भूमि को अतिक्रमण से मुक्त कराने की मांग को लेकर मंच आंदोलित है, लेकिन शासन-प्रशासन मांगों पर गौर करने को तैयार नहीं है। उन्होंने कहा कि मांग न माने जाने पर परियोजना में किए जा रहे काम को बंद करवाया जाएगा, जिसकी जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी। उधर, एसडीएम सौरभ असवाल ने बताया कि वह विधानसभा सत्र की ड्यूटी में गैरसैंण में हैं। इस मौके पर स्वराज चौहान, लक्ष्मी देवी, विमला देवी, दौलत सिंह, विपिन कुमार, धनीराम, विकेश कुमार, श्यामलाल, जनक, सुरेंद्र सिंह, गंभीर सिंह, रोहित तोमर, महेंद्र सिंह, जगदीश सिंह, लालाराम पाल, श्रीपाल, सुरेंद्र कुमार, प्रमोद कुमार और नारायण सिंह आदि शामिल रहे।
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