Kotdwar: बीड़ी जलाते समय पेंट ब्रश पर लगे थिनर ने पकड़ी आग, एक ही परिवार के तीन लोग बुरी तरह झुलसे
चेतन अपने कमरे में थिनर से पेंट का ब्रश धो रहा था और पास में थिनर की केन रखी थी।
इसी दौरान उसने बीड़ी जलाने के लिए जैसे ही माचिस जलाई वैसे ही ब्रश और उसके हाथ पर आग लग गई। वह आग से बचने की कोशिश कर रहा था कि थिनर से भरी केन भी छिटक कर उसके कपड़ों पर गिर गई और वह आग में जलने लगा।
विस्तार
उत्तराखंड में कोटद्वार के आमपड़ाव वार्ड में बीड़ी जलाते समय थिनर ने आग पकड़ ली और एक ही परिवार के तीन सदस्य आग से गंभीर रूप से झुलस गए। तीनों को 108 एंबुलेंस की मदद से राजकीय बेस अस्पताल कोटद्वार में लाया गया। प्रारंभिक उपचार के बाद डॉक्टरों ने मां और बेटे की हालत गंभीर होने पर उन्हें हायर सेंटर रेफर कर दिया गया। जबकि बेटी को बेस अस्पताल में भर्ती कर दिया गया है। उसकी हालत खतरे से बाहर है।
Ankita Murder Case: 10 मार्च से शुरू होगा सत्र परीक्षण, एडीजे कोर्ट में सुनवाई के लिए अगली तिथियां तय
आमपड़ाव निवासी चेतन सिंह (30) पुत्र राजेंद्र सिंह पेंटर का काम करता है। वह अपनी मां, पिता और एक बहन के साथ यहां रहता है। उसकी एक बहन साधना की शादी हो चुकी है जो कुछ दिन पहले ही उसके घर आई थी। राजेंद्र की दूसरी बहन भावना ने बताया कि मंगलवार रात करीब 8:30 बजे भाई चेतन अपने कमरे में थिनर से पेंट का ब्रश धो रहा था और पास में थिनर की केन रखी थी।
इसी दौरान उसने बीड़ी जलाने के लिए जैसे ही माचिस जलाई वैसे ही ब्रश और उसके हाथ पर आग लग गई। वह आग से बचने की कोशिश कर रहा था कि थिनर से भरी केन भी छिटक कर उसके कपड़ों पर गिर गई और वह आग में जलने लगा।
मां-बेटा हायर सेंटर रेफर
चीखने चिल्लाने की आवाज सुनकर बहन साधना (27) पत्नी पंकज और मां मीना देवी (49) पत्नी राजेंद्र सिंह उसे बचाने के लिए कमरे में गए। उन्होंने बमुश्किल आग पर काबू पाया लेकिन राजेंद्र को बचाने के चक्कर में मां और बेटी भी बुरी तरह झुलस गए। तीनों की हालत बिगड़ने पर उन्हें 108 एंबुलेंस के माध्यम से राजकीय बेस अस्पताल पहुंचाया गया।
वहीं बेस अस्पताल के प्रमुख अधीक्षक डॉ. विजयेश भारद्वाज ने बताया कि चेतन करीब 75 प्रतिशत और उसकी मां मीना देवी करीब 45 प्रतिशत झुलस गई है। उनकी हालत देखते हुए उन्हें हायर सेंटर एम्स ऋषिकेश रेफर किया गया है। साधना को बेस अस्पताल में चिकित्सकों की निगरानी में भर्ती किया गया है। बताया कि घटना के वक्त चेतन के पिता और भावना घर पर नहीं थे। मौके पर पहुंचकर घटना का पता चला।