Kotdwar: मंदिर में जलाभिषेक करने गई युवती और किशोरी स्नान करते समय मधुगंगा नदी में बहीं, दोनों की मौत
दोनों लड़कियां अपनी सहेलियों के साथ दंगलेश्वर मंदिर में जलाभिषेक के लिए गई थीं। इससे पहले वह वहां घाट पर नयार नदी में स्नान करने लगीं। इसी दौरान उनका पैर फिसला और वह दोनों बह गई।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
कोटद्वार में सतपुली के पास सोमवार सुबह दर्दनाक हादसा हो गया। दंगलेश्वर मंदिर में जलाभिषेक के लिए पहुंची एक युवती और एक किशोरी नहाते समय मंदिर के पास मधुगंगा नदी के उफान में बह गईं। जिसमें दोनों की मौत हो गई। राजस्व पुलिस ने पंचनामा करने के बाद पोस्टमार्टम कराकर शव परिजनों को सौंप दिए हैं। घटना से परिजनों में कोहराम मचा है।
राजस्व उपनिरीक्षक मौंदाडस्यूं वेद प्रकाश पटवाल ने बताया कि मृतक चैलूसैंण निवासी अदिति (15) पुत्री निर्मल सिंह सरस्वती विद्या मंदिर सतपुली में कक्षा दसवीं की छात्रा थी। वह सतपुली अपने ननिहाल में रहकर पढ़ाई कर रही थी। जबकि ओडलसैंण गांव सतपुली निवासी सरोज (25) पुत्री श्याम सिंह किसी प्राइवेट कंपनी में नौकरी करती थी। सोमवार सुबह करीब छह बजे गांव की कुछ महिलाओं के साथ दोनों जलाभिषेक के लिए दंगलेश्वर मंदिर पहुंचीं।
Somvati Amavasya: हरिद्वार में कल तक बाहरी राज्यों से आने वाले भारी वाहनों की एंट्री बंद, पढ़ें रूट प्लान
यहां जलाभिषेक से पहले दोनों पूर्वी नयार और मधुगंगा नदी के संगम पर स्थित मधुगंगा नदी में नहाने उतरीं। बताया जा रहा है कि नहाते समय उनका पैर फिसल गया और नदी के तेज बहाव में दोनों बह गईं। उनको बहता देख अन्य महिलाओं ने तत्काल परिजनों को सूचना दी। जिसके बाद स्थानीय गोताखोर गणेश, गुड्डू और सोणा ने किशोरी और युवती को घटनास्थल से एक किलोमीटर आगे पूर्वी नयार नदी में बहते देखा।
तैराकों ने जान हथेली पर रखकर उफनती नदी से सरोज को पानी से निकालकर अस्पताल भिजवाया, जहां पर उपचार के दौरान उसने दम तोड़ दिया। जबकि उसी स्थान से कड़ी मशक्कत के बाद अदिति का शव भी बरामद कर लिया गया।
राजस्व पुलिस ने राजकीय चिकित्सालय सतपुली में दोनों का पोस्टमार्टम कर शव परिजनों को सौंप दिए गए हैं। सरोज का दंगलेश्वर घाट में गमगीन माहौल में अंतिम संस्कार किया गया। जबकि अदिति के शव को परिजन उसके गांव चैलूसैंण ले गए हैं। बचाव अभियान के दौरान एसडीएम संदीप कुमार, तहसीलदार सुधा डोभाल और थानाध्यक्ष लाखन सिंह मौजूद थे।