18 अप्रैल को गंगोत्री व यमुनोत्री धाम के कपाटोद्घाटन के साथ आरंभ होने जा रही चारधाम यात्रा पर आने की तैयारी कर रहे तीर्थयात्री वैकल्पिक रास्तों की जानकारी लेना न भूलें। इन दिनों चारधाम मार्ग के चौड़ीकरण का कार्य युद्धस्तर पर चल रहा है। इस दौरान घंटों जाम की नौबत आ जाती है।
चारधाम यात्रा 2018: रास्ते में परेशान नहीं होना है तो हासिल कर लें इन वैकल्पिक रास्तों की जानकारी
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बदरीनाथ के मार्ग पर
ऋषिकेश-ब्रहमपुरी के मध्य मार्ग अवरूद्ध हुआ तो गरूड़चट्टी से लक्ष्मणझूला और बैराज मार्ग विकल्प है। ऋषिकेश से देवप्रयाग मार्ग अवरूद्ध होने पर देवप्रयाग-गजा, खाड़ी, नरेंद्रनगर-ऋषिकेश से, देवप्रयाग-पौड़ी-कोटद्वार से और देवप्रयाग-बागवान-मलेथा-गडोलिया-नई टिहरी-चंबा से ऋषिकेश निकला जा सकता है। बागबान से श्रीनगर के बीच बाधा आने पर खांकरा-खेड़ाखाल-छातीखाल-डुंगरीपंत का विकल्प है जबकि रुद्रप्रयाग से कर्णप्रयाग के बीच व्यवधान होने पर कर्णप्रयाग-गैरसैंण, रानीखेत-हल्द्वानी व पैठाणी- बुआखाल- कोटद्वार और कर्णप्रयाग से चमोली के बीच बाधा आने पर चमोली-गोपेश्वर-चोपता-कुंड-रूद्रप्रयाग से निकला जा सकता है।
केदारनाथ धाम की ओर
केदारनाथ धाम की यात्रा के दौरान रूद्रप्रयाग-तिलवाड़ा-घनसाली-टिहरी-ऋषिकेश का विकल्प है। तिलवाड़ा-कुंड बंद होने पर कुंड-चोपता-गोपेश्वर-चमोली, कुंड से तथा गुप्तकाशी बंद होने पर गुप्तकाशी-मयाली-घनसाली-टिहरी- ऋषिकेश का विकल्प होगा।
यमुनोत्री की दिशा में
ऋषिकेश-देहरादून-मसूरी-बड़कोट-यमुनोत्री मार्ग के बाधित होने पर गंतव्य तक पहुंचने के चार वैकल्पिक मार्ग हैं। यमुना ब्रिज से नैनबाग के बीच बाधित होने पर यमुना ब्रिज-लखवाड़ बैंड-लक्स्यार-नैनबाग का विकल्प है। नैनबाग-नौगांव बाधित होने पर नौगांव-पुरोला-त्यूनी-चकराता-देहरादून का विकल्प होगा। इसके अलावा बर्नीगाड-लाखामंडल-चकराता-देहरादून भी एक विकल्प है। नौगांव से बड़कोट का विकल्प नौगांव घाटी से राजगढ़ी का विकल्प है। बड़कोट-यमुनोत्री मार्ग बाधित होने पर कोई विकल्प नहीं है।