सामने आई उत्तराखंड कांग्रेस की 'जंग', किशोर ने फोड़ा लेटर बम
- उपाध्याय ने अपनी सरकार पर लगाया उपेक्षा का आरोप
- आखिरकार सरकार, कांग्रेस संगठन के बीच खुुलकर उभरा असंतोष
- प्रदेश अध्यक्ष किशोर उपाध्याय ने सीएम से मांगा प्रतिदिन दो घंटे का समय
- बोले, मंत्री, अफसर भी पार्टी पदाधिकारियों, कार्यकर्ताओं की कर रहे उपेक्षा
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उत्तराखंड में सरकार और कांग्रेस संगठन के बीच सब कुछ ठीक नहीं चल रहा है। वैसे से राज्यसभा चुनाव में प्रत्याशी चयन समेत तमाम मुद्दों को लेकर सरकार और संगठन के बीच विवाद की स्थिति है।
केंद्रीय आलाकमान की नसीहत कहें या डर, कोई खुलकर बोलने को तैयार नहीं है। लेकिन, अब बातें उभरकर सामने आने लगी है। पार्टी प्रदेश अध्यक्ष किशोर उपाध्याय ने सरकार, मंत्रिमंडल के सदस्यों और अधिकारियों पर पार्टी पदाधिकारियों, कार्यकर्ताओं की उपेक्षा का आरोप लगाते हुए मुख्यमंत्री को पत्र लिखा है।
मुख्यमंत्री को लिखे पत्र में पार्टी प्रदेश उपाध्याय का कहना है कि कतिपय राजनीतिक घटनाओं ने पार्टी पदाधिकारियों, कार्यकर्ताओं के उत्साह में कमी आई है। विपक्षी भाजपा ने सरकार को गिराने और कांग्रेस को बदनाम करने की पुरजोर कोशिश की। लेकिन, संगठन के पदाधिकारियों, कार्यकर्ताओं ने एकजुटता दिखाते हुए भाजपा की तमाम शतरंजी चालों को फेल कर दिया।
मुख्यमंत्री के सामने किशोर ने रखी ये मांगें
बकौल प्रदेश अध्यक्ष उपाध्याय पार्टी पदाधिकारियों, कार्यकर्ताओं को सरकार से कुछ उम्मीदें होती है। लेकिन, प्रदेश अध्यक्ष होने के नाते में मैं ऐसा महसूस कर रहा हूं कि सत्ता प्रतिष्ठान पार्टी पदाधिकारियों, कार्यकर्ताओं को वो सम्मान नहीं दे रहा हैं, जिसके वह हकदार हैं। उपाध्याय के मुताबिक यदि सरकार और संगठन को बचाना है तो कई कदम उठाने होंगे।
उन्होंने मुख्यमंत्री से मांग की है कि वह देहरादून में प्रतिदिन पार्टी पदाधिकारियों, कार्यकर्ताओं को दो घंटे का समय दें। मुख्यमंत्री से कहा है कि मंत्रिमंडल के सहयोगियों और अफसरों को यह सख्त निर्देश जारी किए जाए कि पार्टी के प्रदेश स्तरीय पदाधिकारियों, नेताओं के अलावा जिला, तहसील, ब्लाक स्तरीय नेताओं को यथोचित सम्मान दें।