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किशोर ने दिखाई नाराजगी, डिनर डिप्लोमेसी का किया बॉयकॉट
ब्यूरो/अमर उजाला, देहरादून
Updated Wed, 01 Jun 2016 01:49 AM IST
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किशोर उपाध्याय और हरीश रावत
- फोटो : file photo
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राज्यसभा चुनाव में कांग्रेस आलाकमान की ओर से प्रदेश अध्यक्ष किशोर उपाध्याय को प्रत्याशी नहीं बनाए जाने को लेकर उनकी नाराजगी साफ तौर पर नजर आई। मुख्यमंत्री हरीश रावत, पार्टी पदाधिकारियों, नेताओं की ओर से इस बात के दावे किए जा रहे है कि पार्टी इस मुद्दे पर एकजुट है, लेकिन हकीकत यह है कि सब कुछ ठीकठाक नहीं है। पार्टी कुमाऊं-गढ़वाल, दलित-सवर्ण समेत कई धड़ों में बंटी नजर आ रही है।
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नामांकन के समय भी दिखी नाराजगी
वैसे तो प्रदेश अध्यक्ष किशोर उपाध्याय लगातार यह बयान देते नजर आ रहे है कि केंद्रीय आलाकमान ने जो निर्णय लिया है वह स्वीकार्य है। हकीकत यह भी है कि उन्हें यह निर्णय स्वीकार्य नहीं है।
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अपनी उपेक्षा से आहत प्रदेश अध्यक्ष ने जहां मुख्यमंत्री की ओर से आयोजित ‘डिनर डिप्लोमेसी’ से दूरी बना ली, वहीं विधानसभा में पार्टी प्रत्याशी प्रदीप टम्टा के नामांकन के समय उनकी नाराजगी देखने को मिली।
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पत्रकार वार्ता से भी रहे नदारद
पार्टी प्रत्याशी टम्टा के नामांकन के ठीक बाद मुख्यमंत्री की ओर से बुलाई गई पत्रकार वार्ता से भी वह नदारद रहे। प्रदेश अध्यक्ष मंगलवार की शाम मुख्यमंत्री रावत की ओर से आवास पर आयोजित डिनर में भी नदारद रहे। पार्टी सूत्रों का कहना है कि प्रदेश अध्यक्ष किशोर उपाध्याय अपनी इस नाराजगी से सोमवार को केंद्रीय आलाकमान को भी अवगत करा चुके हैं। उन्होंने पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष सोनिया गांधी के राजनीतिक सलाहकार अहमद पटेल से मुलाकात के दौरान सभी पहलुओं से अवगत कराया है।