किशाऊ बना नेशनल प्रोजेक्ट, आधी बिजली पर होगा उत्तराखंड का हक
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उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश की सीमा पर टौंस नदी पर मोहराड़ में प्रस्तावित किशाऊ बांध परियोजना को नेशनल प्रोजेक्ट घोषित कर दिया गया है।
लगभग 10 हजार करोड़ रुपये के इस प्रोजेक्ट का 90 फीसदी खर्च भारत सरकार द्वारा वहन किया जाएगा। प्रोजेक्ट के पूरा हो जाने से 660 मेगावाट बिजली मिलेगी, जिसमें उत्तराखंड की हिस्सेदारी 330 मेगावाट होगी। इसके लिए किसाउ कारपोरेशन कंपनी लिमिटेड भी गठित कर दी गई है।
किसाउ बहुउद्देश्यीय बांध उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश की संयुक्त परियोजना है। अभी कुछ दिन पहले ही उत्तराखंड कैबिनेट की बैठक में इस परियोजना की ज्वाइंट वेंचर कंपनी को मंजूरी दी गई है। इसको लेकर दोनों प्रदेशों के बीच आपसी सहमति पत्र (एमओयू) पर हस्ताक्षर भी हो चुका है।
डैम के लिए बनेगी 32 किमी लंबी झील
परियोजना के तहत मोहराड़ से त्यूनी तक लगभग 32 किलोमीटर लंबी झील बनाई जाएगी। इसके लिए 2950 हेक्टेयर भूमि की आवश्यकता होगी। परियोजना की जद में उत्तराखंड के नौ और हिमाचल प्रदेश के आठ गांव आएंगे। इसको लेकर पूरी रिपोर्ट तैयार की जा रही है। क्योंकि इन गांव के लोगों का पुनर्वास भी कराना होगा।
उत्तराखंड जल विद्युत निगम के महाप्रबंधक एसएन वर्मा ने बताया कि केंद्र सरकार ने इस परियोजना को नेशनल प्रोजेक्ट घोषित कर दिया है। इसको लेकर नई कंपनी का गठन भी कर दिया गया है। परियोजना पर क्रियान्वयन की रिपोर्ट तैयार की जा रही है। औपचारिकता पूरी हो जाने के बाद परियोजना पर जल्द ही काम हो शुरू हो जाएगा।