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11500 करोड़ की लागत से पूरी होगी किसाऊ बहुउद्देशीय परियोजना, टोंस नदी पर होना है निर्माण

Sat, 13 Oct 2018 08:03 PM IST
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून Updated Sat, 13 Oct 2018 08:03 PM IST
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kisau multipurpose project will established by 11500 crore rupees
जल विद्युत परियोजना - फोटो : डेमो फोटो

केंद्र और राज्य सरकार के सहयोग से टोंस नदी पर प्रस्तावित किसाऊ बहुउद्देशीय जलविद्युत परियोजना के निर्माण का रास्ता साफ होता नजर आ रहा है।

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केंद्रीय जल आयोग (सीडब्ल्यूसी) ने वाटर व पावर कंपोनेंट का निर्धारण कर दिया है। यूजेवीएनएल अफसरों के मुताबिक योजना पर 11500 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे, जिनमें से पावर कंपोनेंट के लिए 1536.04 करोड़ रुपये ओर वाटर कंपोनेंट के लिए 10013.96 करोड़ रुपये का बजट निर्धारित किया गया है। केंद्रीय जल आयोग के लागत मूल्यांकन के निदेशक बलराम कुमार की ओर से इस संबंध में आदेश जारी कर दिया गया है। 
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उल्लेखनीय है कि केंद्र और उत्तराखंड सरकार की बहुउद्देशीय किसाऊ जलविद्युत परियोजना के पूरी होने के बाद 660 मेगावाट बिजली का उत्पादन होगा। साथ ही उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश, हरियाणा, पंजाब, दिल्ली और हिमाचल प्रदेश के किसानों को सिंचाई के लिए पानी भी मिल सकेगा। इससे सबसे अधिक हिस्सेदारी हरियाणा की होगी। साल 2010 में बहुउद्देशीय किसाऊ जलविद्युत परियोजना का जो डीपीआर तैयार किया गया था, उसके मुताबिक परियोजना का बजट 7193.24 करोड़ रुपये निर्धारित किया गया था, लेकिन आठ साल बाद जलविद्युत परियोजना की निर्माण लागत बढ़कर 11500 करोड़ रुपये तक पहुंच गई है। 
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यूजेवीएनएल के प्रबंध निदेशक एसएन वर्मा ने बताया कि उत्तराखंड और हरियाणा के मुख्यमंत्रियों के बीच किसाऊ जलविद्युत परियोजना से जुड़े तमाम मुद्दों पर चर्चा की गई है। केंद्र सरकार की ओर से परियोजना को हरी झंडी दिए जाने और बजट जारी होने के साथ ही बहुउद्देशीय जलविद्युत परियोजना पर काम शुरू कर दिया जाएगा। प्रबंध निदेशक वर्मा के मुताबिक किसाऊ जलविद्युत परियोजना के पूरा होने के बाद 660 मेगावाट बिजली का उत्पादन होगा। साथ ही छह राज्यों में सिंचाई के साथ ही लोगों को पीने के लिए पानी भी मिल सकेगा। 

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