रुड़की: सड़क पर उतरे हजारों किसानों ने मोदी सरकार पर बोला हमला, 2 अक्टूबर को दिल्ली में देंगे धरना
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भारतीय किसान यूनियन की किसान क्रांति यात्रा में किसानों में मोदी सरकार पर जमकर हमला बोला। किसानों ने यात्रा पैदल के बदले रुड़की से टै्रक्टर-ट्राली से गुजरी है। ट्रैक्टर-ट्रालियों से किसानों को मंगलवार की सुबह पतंजलि से गुड़ मंडी मंगलौर पहुंचाया गया। इसके बाद किसान क्रांति यात्रा आगे के लिए रवाना हुई। किसान नेताओं ने भाजपा सरकार पर किसान विरोध होने का आरोप लगाया है।
भारतीय किसान यूनियन ने रविवार को हरिद्वार से किसान क्रांति यात्रा शुरू की थी। यात्रा को दो अक्टूबर तक दिल्ली पहुंचना है। किसान क्रांति यात्रा में बड़ी संख्या में किसान मौजूद हैं। सोमवार को हरिद्वार से शुरू हुई किसान क्रांति यात्रा का अगला पड़ाव पतंजलि योग पीठ में हुआ, लेकिन इसके बाद सोमवार को पूरे दिन बारिश होती रही। इसके चलते सोमवार को किसान क्रांति यात्रा रवाना नहीं हो सकी।
ऐसे में मंगलवार की सुबह किसानों को ट्रैक्टर-ट्रॉलियों से गुड मंडी मंगलौर पहुंचाया गया। इसके बाद ग्यारह बजे मंगलौर से किसान क्रांति यात्रा शुरू हुई। भारतीय किसान यूनियन के जिला अध्यक्ष विजय कुमार शास्त्री ने बताया कि दिल्ली तक पहुंचने के लिए दस निर्धारित स्थलों पर किसान क्रांति यात्रा के रुकने का कार्यक्रम है। क्योंकि पहले ही एक दिन पतंजलि में अतिरिक्त लग गया है।
ये हैं भाकियू की प्रमुख मांगें
इसलिए गुड मंडी मंगलौर में रात के रुकने का प्रोग्राम स्थगित करते हुए किसानों को ट्रैक्टर-ट्रॉली से मंगलौर पहुंचाया गया है ताकि आगे के सभी निर्धारित स्थलों का कार्यक्रम अव्यवथित न हो। उन्होंने बताया कि केंद्र के साथ-साथ राज्य सरकार पूरी तरह किसान विरोधी है। किसानों की समस्याओं को लेकर सरकारें बिल्कुल भी गंभीर नहीं है। इसके चलते किसान क्रांति यात्रा की शुरुआत की गई।
इस दौरान किसान क्रांति यात्रा में भाकियू के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत, राष्ट्रीय अध्यक्ष नरेश टिकैत, राष्ट्रीय उपाध्यक्ष राकेश चौहान, राष्ट्रीय महासचिव राजपाल शर्मा, मंडल अध्यक्ष संजय चौधरी, जिला अध्यक्ष विजय कुमार शास्त्री, ओमपाल, सुक्रमपाल, हरेंद्र कुमार आदि मौजूद रहे।
ये हैं भाकियू की प्रमुख मांगें-
1- देश के सभी किसानों के कर्जें माफ हो।
2- किसानों को बिजली मुफ्त दी जाए।
3- कृषि यंत्रों को जीएसटी में छूट दी जाए।
4- 60 वर्ष से अधिक उम्र के किसानों को पेंशन दी जाए।
5- स्वामी नाथन की रिपोर्ट लागू की जाए।
6- प्रधानमंत्री बीमा योजना में बदलाव किया जाए।
7- किसानों को मनरेगा से जोड़ा जाए।