Kisan Andolan In Uttarakhand: राकेश टिकैत के आह्वान पर चक्का जाम स्थगित, कृषि कानून वापस लेने की मांग को लेकर सौंपा ज्ञापन
- किसान संगठनों की संयुक्त बैठक में बन गई थी रणनीति, बाद में लिया वापस
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उत्तराखंड के रुड़की में स्थानीय किसान संगठनों ने भारतीय किसान यूनियन (टिकैत) के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत के आह्वान के बाद आज प्रस्तावित चक्का जाम का कार्यक्रम अगले आदेशों तक स्थगित कर दिया है।
शनिवार को सभी संगठनों के 11 लोगों के प्रतिनिधिमंडल ने अधिकारियों को कृषि कानून वापस लेने की मांग को लेकर ज्ञापन सौंपा। इससे पहले मंगलौर गुड़ मंडी में विभिन्न किसान संगठनों ने बैठक कर छह फरवरी को चक्का जाम की घोषणा कर तैयारियों को अंतिम रूप दे दिया था।
कृषि कानून वापस लेने को भाकियू का प्रदर्शन
रुड़की में भारतीय किसान यूनियन अंबावत विधिक सेल ने कृषि कानून वापस लेने सहित अन्य मांगों को लेकर तहसील में प्रदर्शन करते हुए केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। साथ ही एक ज्वाइंट मजिस्ट्रेट के माध्यम से राष्ट्रपति को ज्ञापन भेजा।
शनिवार को भाकियू (अ) विधिक सेल के प्रदेश अध्यक्ष फरमान त्यागी के नेतृत्व में सेल से जुड़े पदाधिकारी और कार्यकर्ता तहसील पहुंचे। इस दौरान प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि तीनों कृषि कानून वापस लिए जाने की मांग को लेकर दो माह से अधिक समय से दिल्ली में किसान आंदोलन चल रहा है। बावजूद इसके सरकार किसानों की मांग पर गंभीर नहीं है।
कहा कि संयुक्त किसान मोर्चा की ओर से देशव्यापी चक्का जाम का कार्यक्रम रखा गया था। उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश में यह स्थगित कर दिया गया। इसके बाद उन्होंने ज्वाइंट मजिस्ट्रेट नमामि बंसल के माध्यम से एक ज्ञापन राष्ट्रपति को भेजा। वहीं, प्रदर्शन को देखते हुए तहसील परिसर में पुलिस बल तैनात रहा।
इस मौके पर जिला अध्यक्ष मोहम्मद इमरान,अनस, अबरार, दाऊद त्यागी, तनवीर, कादिर, उज्जवल मौर्य, अब्दुल मलिक, अनस, राशिद, कादिर, अब्दुल मलिक, अली त्यागी, शाहिद त्यागी, सलमान, फैजान, उस्मान, नदीम त्यागी, शाहरुख, फरहान आदि मौजूद रहे।
चक्का जाम को लेकर विभिन्न संगठनों की संयुक्त बैठक हुई
शुक्रवार को मंगलौर गुड़ मंडी स्थित भारतीय किसान यूनियन (टिकैत) के कार्यालय पर चक्का जाम को लेकर विभिन्न संगठनों की संयुक्त बैठक हुई। शाम करीब तीन बजे संपन्न हुई बैठक में निर्णय लिया गया कि सभी संगठनों से जुड़े किसान छह फरवरी को दोपहर 12 बजे से शाम तीन बजे तक एक ही बैनर के तले एकजुट होकर जक्का जाम करेंगे। इस दौरान आवश्यक वाहनों को जाने की अनुमति होगी।
इसके अलावा किसान आगे के कार्यक्रम भी एकजुट होकर करेंगे। इसी बीच किसान संगठनों को जानकारी मिली कि भाकियू (टिकैत) के राष्ट्रीय प्रवक्ता राकेश टिकैत ने यूपी और उत्तराखंड के किसानों से आज चक्का जाम नहीं करने का आह्वान किया। इस पर किसान संगठनों ने अगले आदेशों तक चक्का जाम स्थगित करने का निर्णय लिया। संगठन के जिलाध्यक्ष विजय शास्त्री ने बताया कि शनिवार को सभी संगठनों के 11 लोगों के प्रतिनिधिमंडल ने प्रशासन को अपनी मांगों को लेकर ज्ञापन सौंपा।
बैठक में भाकियू (टिकैत) के जिला प्रवक्ता राकेश लोहान, किसान-मजदूर संगठन के प्रदेश अध्यक्ष पद्म सिंह भाटी, अखिल भारतीय किसान संगठन के रामपाल सिंह, महकार सिंह, ओमप्रकाश, गुड्डू चौधरी, हरेंद्र सिंह, राजेंद्र सिंह, पहल सिंह पंवार, सिफतैन, इसरार, देवेंद्र आदि किसान नेता मौजूद रहे।
केंद्र सरकार कर रही अत्याचार किसान नहीं हटेंगे पीछे : आप
आम आदमी पार्टी के एसएस कलेर ने कहा कि केंद्र सरकार किसानों पर अत्याचार कर रही है, लेकिन कृषि कानूनों को वापस लेने तक किसान पीछे नहीं हटेगा। कहा कि छह फरवरी को किसानों के चक्का जाम का आप पूरा समर्थन करेगी।
आप प्रदेश अध्यक्ष ने बयान जारी कर कहा कि किसान अपने हक के लिए महीनों से सड़कों पर आंदोलन कर रहा है, लेकिन केंद्र सरकार पर आंदोलन का कोई फर्क नहीं पड़ रहा है। आरोप लगाया कि भाजपा नेता आंदोलन को कुचलने का कोई मौका नहीं छोड़ रहे हैं, आप किसानों के साथ खड़ी रहेगी।
किसानों के विरोध के बाद भी सरकार जबरन कृषि बिलों को थोप रही है। कहा कि केंद्र को एमएसपी पर कानून बनाना चाहिए। जिससे किसानों को उनकी फसल का समर्थन मूल्य मिल सके और उसे कम कीमत पर अपनी फसल न बेचनी पड़े। आप की मांग है कि फसल का मूल्य किसान तय करे।