70 साल बाद ब्रिटेन के राजकुमार से राजा बने चार्ल्स देहरादून के रामगढ़ गांव में किसान बनकर खेत में बीज बो चुके हैं। यहां भूडपुर गांव के किसान राजेश को खेत में हल चलाता देखकर उन्होंने भी हल चलाने की इच्छा जताई, लेकिन सुरक्षा कारणों से वह ऐसा नहीं कर सके।
King Charles: कभी दून में किसान बनकर चार्ल्स ने खेत में बोए थे बीज, सुरक्षा कारणों से ये इच्छा रह गई थी अधूरी
चार्ल्स का कहना था कि किसानों को कर्ज में न डूबना पड़े और वे आत्महत्या न करें इसके लिए खेती की लागत को कम करना होगा।
अपने साथ ब्रिटेन लेकर गए थे, देहरादून की तुलसी
किंग चार्ल्स प्रसिद्ध पर्यावरणविद् डाॅ. वंदना शिवा की संस्था नवधान्य के देहरादून स्थित जैव विविधता फार्म हाउस में तुलसी की पांच प्रजातियों का बीज लेकर गए थे।
रीठे से साबुन बनता है यह जान हुए थे चकित
रामगढ़ पहुंचे किंग चार्ल्स ने यहां नीम, मीठा नीम और रीठे का पेड़ देखा। जब उन्हें यह बताया गया कि रीठे से साबुन बनता है यह जानकर वह चकित हो गए थे।
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हाईग्रुप संस्था हेल्दी फूड के लिए दुनियाभर में कर रही काम
किंग चार्ल्स की हाईग्रुप संस्था है, जो हेल्दी फूड के लिए दुनियाभर में काम कर रही है। उस दौरान रामगढ़ में उन्होंने सगंध पादप और खाद बनाने के परंपरागत तरीके को भी देखा। उन्होंने दून की प्रसिद्ध बासमती सहित धान की सात सौ परंपरागत प्रजातियों और गेहूं की विभिन्न प्रजातियों को भी देखा था।