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King Charles: कभी दून में किसान बनकर चार्ल्स ने खेत में बोए थे बीज, सुरक्षा कारणों से ये इच्छा रह गई थी अधूरी

Sun, 07 May 2023 11:38 AM IST
रेनू सकलानी बिशन सिंह बोरा, अमर उजाला, देहरादून
बिशन सिंह बोरा, अमर उजाला, देहरादून Published by: रेनू सकलानी Updated Sun, 07 May 2023 11:38 AM IST
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King Charles Story India Connection Dehradun Uttarakhand once sowed seeds in field by becoming a farmer
वर्ष 2013 में देहरादून के भूड़पुर गांव में किसान राजेश के खेत में बीज बोते प्रिंस चार्ल्स। - फोटो : अमर उजाला

70 साल बाद ब्रिटेन के राजकुमार से राजा बने चार्ल्स देहरादून के रामगढ़ गांव में किसान बनकर खेत में बीज बो चुके हैं। यहां भूडपुर गांव के किसान राजेश को खेत में हल चलाता देखकर उन्होंने भी हल चलाने की इच्छा जताई, लेकिन सुरक्षा कारणों से वह ऐसा नहीं कर सके।

हालांकि उन्होंने तब जैविक खेती पर जोर देते हुए कहा था कि इससे कृषि की बढ़ती लागत को कम कर किसानों को कर्ज से मुक्त किया जा सकता है। शनिवार छह मई का दिन न सिर्फ ब्रिटेनवासियों के लिए बल्कि, देहरादून के रामगढ़ के लोगों के लिए भी खास रहा। ब्रिटेन के राजा चार्ल्स की ताजपोशी हुई।

ताजपोशी की इस रस्म को दुनियाभर में लोग टीवी पर लाइव देख रहे थे। ब्रिटेन के राजा चार्ल्स सात नवंबर 2013 को राजकुमार की हैसियत से देहरादून आए थे। इस यात्रा के दौरान उन्हें रामगढ़ के लोगों ने खेत में अपने बीच जौं का बीज बोते देखा था। तब भूडपुर गांव के राजेश आगे-आगे हल चला रहे थे और राजकुमार चार्ल्स किसान बनकर उनके पीछे जौं का बीज बो रहे थे।

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किंग चार्ल्स - फोटो : अमर उजाला

चार्ल्स का कहना था कि किसानों को कर्ज में न डूबना पड़े और वे आत्महत्या न करें इसके लिए खेती की लागत को कम करना होगा।

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राजा चार्ल्स - फोटो : अमर उजाला

अपने साथ ब्रिटेन लेकर गए थे, देहरादून की तुलसी

किंग चार्ल्स प्रसिद्ध पर्यावरणविद् डाॅ. वंदना शिवा की संस्था नवधान्य के देहरादून स्थित जैव विविधता फार्म हाउस में तुलसी की पांच प्रजातियों का बीज लेकर गए थे।

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राजा चार्ल्स - फोटो : अमर उजाला

रीठे से साबुन बनता है यह जान हुए थे चकित

रामगढ़ पहुंचे किंग चार्ल्स ने यहां नीम, मीठा नीम और रीठे का पेड़ देखा। जब उन्हें यह बताया गया कि रीठे से साबुन बनता है यह जानकर वह चकित हो गए थे।

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किंग चार्ल्स का राज्याभिषेक - फोटो : एएनआई

हाईग्रुप संस्था हेल्दी फूड के लिए दुनियाभर में कर रही काम

किंग चार्ल्स की हाईग्रुप संस्था है, जो हेल्दी फूड के लिए दुनियाभर में काम कर रही है। उस दौरान रामगढ़ में उन्होंने सगंध पादप और खाद बनाने के परंपरागत तरीके को भी देखा। उन्होंने दून की प्रसिद्ध बासमती सहित धान की सात सौ परंपरागत प्रजातियों और गेहूं की विभिन्न प्रजातियों को भी देखा था।

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