किडनी किंग डॉ अमित का दोस्त अस्पताल संचालक राजीव चौधरी देर रात गिरफ्तार
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किडनी कांड में सरगना डा. अमित की गिरफ्तारी के बाद रविवार रात पुलिस को दूसरी बड़ी कामयाबी मिल गई। गंगोत्री चैरिटेबिल अस्पताल के संचालक राजीव चौधरी को भी पकड़ लिया गया है। पुलिस सोमवार को उसकी विधिवत गिरफ्तारी दर्शा सकती है।
इससे पहले पुलिस ने उसकी पत्नी अनुपमा समेत तीन लोगों को दिन में गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। इस कांड में अब तक नौ लोगाें को गिरफ्तारी हो चुकी है। देहरादून-हरिद्वार हाईवे पर स्थित लालतप्पड़ में गंगोत्री चैरिटेबिल अस्पताल की आड़ में किडनी निकालने और ट्रांसप्लांट करने का काला धंधा डा. अमित ने बड़ौत के राजीव चौधरी के साथ ही मिलकर शुरू किया था।
राजीव चौधरी ने उत्तरांचल डेंटल कॉलेज प्रबंध तंत्र से जुलाई 2016 में कालेज परिसर में चैरिटेबिल अस्पताल चलाने का अनुबंध किया था। राजीव चौधरी ने कि डनी सौदागर से 14 साल पुरानी दोस्ती को निभाते हुए गुजरात से वांटेड डा. अमित को देहरादून जिले में छिपने के लिए सुरक्षित ठिकाना उपलब्ध कराया था।
इन दोनों ने ही मिलकर किडनी का यह काला धंधा शुरू किया था। अस्पताल संचालन की पूरी जिम्मेदारी राजीव चौधरी ही संभालता था। किडनी आपरेशन में प्रयोग की जाने वाली तमाम दवाओं का संबंधित कंपनी को राजीव के पत्नी के खाते से भुगतान होता था।
10 सितंबर की रात पुलिस ने जब अस्पताल में छापा मारा था, तब राजीव पास में ही मौजूद था। मेडिकल स्टोर संचालक अभिषेक की कार लेकर वह मौके से भागने में सफल हो गया था। पुलिस सूत्राें का दावा है कि फ रार राजीव चौधरी को रात में दबोच लिया गया है।
हालांकि अधिकारिक तौर पर कोई उसकी गिरफ्तारी की पुष्टि करने को तैयार नहीं है। एसआईटी प्रभारी और एसपी देहात सरिता डोबाल ने बताया कि राजीव के बारे में कुछ जानकारियां मिली हैं, जिस पर कार्रवाई की जा रही है।