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दबकर न रह जाएं खेल महाकुंभ की प्रतिभाएं, नहीं मिल पा रही ट्रेनिंग
Mon, 02 Mar 2020 03:30 PM IST
Nirmala Suyal Nirmala Suyal
गौरव ममगाईं, अमर उजाला, देहरादून
गौरव ममगाईं, अमर उजाला, देहरादून
Published by: Nirmala Suyal Nirmala Suyal
Updated Mon, 02 Mar 2020 03:30 PM IST
सार
- खेल महाकुंभ में हर साल दर्जनों प्रतिभाएं आ रहीं सामने, लेकिन नहीं मिल पाती ट्रेनिंग
- खेल महाकुंभ के बाद नहीं ली जाती सुध, फैसले में हर साल की देरी से गुम हो रहीं प्रतिभाएं
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प्रतीकात्मक तस्वीर
विस्तार
खेल महाकुंभ का मकसद ग्रामीण प्रतिभाओं को प्रोत्साहन देना है। इस खेल महाकुंभ में हर साल की तरह दर्जनों होनहार प्रतिभाएं उभरकर सामने आईं। यह मौका था जब इन होनहारों को नेशनल व इंटरनेशनल इवेंट के लिए तैयार किया जाता, लेकिन फिलहाल युवा कल्याण विभाग के पास ऐसी कोई योजना नहीं है। सवाल उठता है कि क्या इस बार भी खेल महाकुंभ की प्रतिभाएं हर बार की तरह गुमनाम होकर रह जाएंगी?
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खेल महाकुंभ में हर साल खिलाड़ी अपनी काबिलियत का लोहा मनवाते हैं। सीमित संसाधनों के बावजूद भी खिलाड़ी राज्य स्तर पर मेडल जीतते हैं, लेकिन इसके बाद इन प्रतिभाओं की विभाग कोई सुध नहीं लेता। अगर इन खिलाड़ियों को ट्रेनिंग दी जाए तो ये नेशनल व इंटरनेशनल इवेंट में मेडल जीतने की काबिलियत भी रखते हैं। इसे लेकर विभाग की ओर से हर बार दावे तो किए जाते हैं, लेकिन धरातल पर कोई बड़ा सुधार देखने को नहीं मिल सका है। ऐसे में हर सीजन की न जाने कितनी प्रतिभाएं गुमनामी में पहुंच जाती हैं।
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बड़े सुधार की दरकार
खेल मंत्री अरविंद पांडे की ओर से खेल महाकुंभ की प्रतिभाओं को सम्मान देने के लिए विशेष इवेंट के विजेताओं को कार व स्कूटी पुरस्कार के रूप में देने की शुरुआत की गई है। यह पहल सराहनीय है, लेकिन यह भी ध्यान देना होगा कि विशेष इवेंट को छोड़कर अन्य दर्जनभर इवेंट के विजेताओं को नजरंदाज नहीं किया जा सकता। इस बात को शनिवार को खेल महाकुंभ के पुरस्कार वितरण समारोह में खेल मंत्री अरविंद पांडे ने भी स्वीकार किया। उन्होंने ईमानदारी से कहा कि कुछ कमी जरूर हैं, लेकिन हम सुधार की दिशा में लगातार बढ़ रहे हैं।
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स्पोर्ट्स कॉलेज में मिलेंगे एडमिशन
देर सवेर विभाग ने इस खेल महाकुंभ में अंडर-12 कैटेगरी को जोड़ दिया है। इससे अंडर-12 के विजेताओं को महाराणा प्रताप स्पोर्ट्स कॉलेज रायपुर में एडमिशन मिल सकेंगे। यहां निशुल्क कोचिंग, रहने व खाने की सुविधा मिलने से ये खिलाड़ी नेशनल इवेंट के लिए तैयार हो सकेंगे।