फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttarakhand ›   Dehradun News ›   khanduri to be reward for shut his mouth

जाते-जाते खंडूड़ी को मिला चुप्पी का इनाम

Sat, 01 Feb 2014 11:44 AM IST
ओमप्रकाश तिवारी/अमर उजाला, देहरादून
ओमप्रकाश तिवारी/अमर उजाला, देहरादून Updated Sat, 01 Feb 2014 11:44 AM IST
विज्ञापन
khanduri to be reward for shut his mouth

गोली खाने और चार माह बाद भी पैर पर हुए घाव से उबर न पाने के बावजूद विवेकानंद खंडूड़ी की चुप्पी ने आखिर उन्हें ‘इनाम’ दिलवा दिया।

विज्ञापन


मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देने से पहले विजय बहुगुणा ने खंडूड़ी को उद्योग मित्र परिषद का उपाध्यक्ष बनाकर वफादारी का तोहफा दिया।

चैंपियन ने चलाई थी गोली
विधानसभा सत्र आरंभ होने से पहले 17 सितंबर की रात कृषि मंत्री हरक सिंह रावत के आवास पर आयोजित वीआईपी भोज में तत्कालीन वन विकास निगम के अध्यक्ष कांग्रेस विधायक प्रणव कुंवर चैंपियन ने गोली चला दी थी।

चैंपियन ने पार्टी में तीन फायर किए थे। इनमें से एक गोली खंडूड़ी के पैर में लगी थी। उन्हें सीएमआई अस्पताल ले जाया गया, लेकिन पुलिस को दिए बयान में खंडूड़ी ने गोली लगने से इनकार कर दिया।
विज्ञापन


नहीं लिया चैंपियन का नाम
कहा था कि गिर जाने से उनके पैर में चोट लगी। बाद में डाक्टरों ने भी उनके बयान की पुष्टि की। हालांकि, कुछ दिन बाद विधानसभा अध्यक्ष गोविंद सिंह कुंजवाल ने बयान दिया कि गोली चैंपियन ने ही चलाई थी।
विज्ञापन
विज्ञापन


इसके बाद चैंपियन पर पुलिस ने केस तो दर्ज किया, लेकिन थाने से ही जमानत दे दी गई।

नहीं बदला बयान
चैंपियन पर केस होने के बाद भी खंडूड़ी ने अपना बयान नहीं बदला। चार महीने से वह पैर का इलाज करा रहे हैं, लेकिन कभी चैंपियन पर आरोप नहीं लगाया।

सूत्रों के मुताबिक खंडूड़ी परिचितों से अकसर कहते थे कि उन्होंने चैंपियन के खिलाफ इसलिए बयान नहीं दिया कि उनके चैंपियन के पिता से अच्छे संबंध थे।

यह भी बताया जाता है कि मामले के तूल पकड़ने से बचाने के लिए विजय बहुगुणा खुद भी समय-समय पर खंडूड़ी से मिलने उनके घर जाते थे।

पैर ठीक ना होने से देरी
सियासी गलियारों में यह चर्चा हमेशा रही कि खंडूड़ी को मुंह न खोलने का इनाम मिल सकता है। इसमें देरी इसलिए हो रही थी, क्योंकि खंडूड़ी का पैर पूरी तरह ठीक नहीं हुआ था।


पैर तो अब भी पूरी तरह से ठीक नहीं हुआ है, लेकिन बहुगुणा ने जाते-जाते अपना ‘वादा’ निभा दिया।

चलते चलते इनका भी कल्याण
बहुगुणा जाते-जाते अपने करीबी विधायकों के समर्थकों का भी कल्याण कर गए। शुक्रवार को प्रमुख सचिव आवास एमएच खान की ओर से पलटन बाजार के विजय बग्गा, संजय कालोनी के मंगेश कुमार और पटेल रोड के प्रदीप गोयल को एमडीडीए बोर्ड का सदस्य नामित करने का आदेश दे दिया गया। दस दिन में राजकीय मुद्रणालय रुड़की से गजट का आदेश भी जारी किया गया है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed