उत्तराखंड में सक्रिय हो सकते हैं खालिस्तानी समर्थक, खुफिया तंत्र ने तीन जिलों पर जताई खतरे की आशंका
अमृतसर विस्फोट के बाद उत्तराखंड में भी खालिस्तान समर्थकों की सक्रियता बढ़ सकती है। खुफिया तंत्र की इस आशंका के बाद देहरादून, ऊधमसिंह नगर और हरिद्वार जिले में पुलिस को सतर्कता बरतने को कहा गया है।
सोशल मीडिया पर खास फोकस रखने की सलाह देने के साथ बताया गया कि उनके खिलाफ क्या और किस तरह की कार्रवाई की जाए। कानूनी कार्रवाई रेंज के डीआईजी की अनुमति के बाद ही होगी।
पुलिस महानिदेशक अनिल कुमार रतूड़ी द्वारा विधानसभा सत्र को लेकर बुलाई गई वीडियो कांफ्रेंस में खालिस्तान समर्थकों की गतिविधियों का मुद्दा छाया रहा। खुफिया विभाग से जुड़े अधिकारियों ने कहा कि पंजाब के अमृतसर बम विस्फोट में खालिस्तानी समर्थकों की सक्रियता उजागर हुई है।
ऐसे में देशभर में खालिस्तानी समर्थकों को सक्रिय करने की कोशिश जरूर की जाएगी। इस लिहाज से उत्तराखंड भी बेहद संवेदनशील है। पुलिस को बताया कि खालिस्तानी समर्थकों की गतिविधियों को लेकर देहरादून का डोईवाला, हरिद्वार और ऊधमसिंह नगर के इलाके में खास सतर्कता बरतने की जरूरत है, क्याेंकि उत्तराखंड का सिख आतंकवाद से पुराना जुड़ाव रहा है।
खुफिया तंत्र के अधिकारियों ने पुलिस को यह टिप्स भी दिए कि किस तरह खालिस्तानी समर्थकाें पर नजर रखी जाए। पूर्व में भी खालिस्तानी आंदोलन को हवा देने के लिए सोशल मीडिया का प्रयोग किया गया है।
अब भी सोशल मीडिया का प्रयोग होने की उम्मीद ज्यादा है। खालिस्तानी संबंधी पोस्ट डालने वालों की अनिवार्य रूप से कांउसिलिंग जरूर कराई जाए। यह संख्या एक से लेकर दो हजार लोगों तक की हो सकती है। कांउसिलिंग के बाद उनकी सक्रियता पर विराम नहीं लगता तो संबंधित थाना पुलिस रेंज के डीआईजी से अनुमति लेकर उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई कर सकती है।