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485 करोड़ के बिटक्वाइन के लिए साथियों ने ही की थी अब्दुल की हत्या, दी थी बेइंतहा यातनाएं

Sat, 31 Aug 2019 09:50 AM IST
अलका त्यागी न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, देहरादून Published by: अलका त्यागी Updated Sat, 31 Aug 2019 09:50 AM IST
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Kerala Youth beaten and Murder by his friends for 485 crore Bitcoin 
हत्या का खुलासा करती पुलिस - फोटो : अमर उजाला

केरल के अब्दुल शकूर की हत्या 485 करोड़ के बिटक्वाइन के लिए हुई थी। शकूर के कोर ग्रुप के साथियों ने ही बिटक्वाइन एकाउंट पासवर्ड जानने के लिए उसे बंधक बनाकर कई दिन तक यातनाएं दीं। यातनाओं की इंतहा हुई तो शकूर की मौत हो गई और इसी के साथ यह रकम भी डूब गई।

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देहरादून पुलिस ने शुक्रवार को शकूर के साथियों को गिरफ्तार कर हत्याकांड का खुलासा कर दिया, जबकि चार साथी अभी फरार हैं। केरल में देनदारी का दबाव बढ़ने पर अब्दुल शकूर साथियों के साथ देहरादून भाग आया था।
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केरल के मल्लपुरम निवासी अब्दुल शकूर (24) की हत्या की गुत्थी शुक्रवार को सुलझ गई। 28 अगस्त को अब्दुल शकूर का शव उसके साथी मैक्स अस्पताल में छोड़कर फरार हो गए थे। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अरुण मोहन जोशी ने मीडिया से बातचीत में बताया कि आरोपियों को पकड़ने के लिए एसपी सिटी श्वेता चौबे की अगुवाई में कई टीमें गठित की गई थीं।

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सीसीटीवी फुटेज से हुआ खुलासा

सीसीटीवी और सर्विलांस की मदद के साथ रेलवे स्टेशन और आईएसबीटी और जिले की सीमाओं पर चेकिंग की गई। आईएसबीटी के सीसीटीवी कैमरे फुटेज से यह खुलासा हुआ कि आरोपी बस में सहारनपुर अथवा रुड़की की तरफ गए हैं।

हरिद्वार पुलिस की मदद से हुलिए और भाषा के आधार पर पांच संदिग्धाें को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई। इनमें फारिस ममनून, अरविंद सी, अंसिफ, सुफेल मुख्तार और आफताब मोहम्मद (सभी निवासी केरल) शामिल हैं। 

एसएसपी के मुताबिक अब्दुल शकूर ने केरल में मंजीरी, पांडीकर और मणपुरम में लोगों के करीब 485 करोड़ रुपये बिटक्वाइन में निवेश किए थे। इसके लिए अब्दुल ने एक कोर ग्रुप बना रखा था।

इसमें आशिक, रिहाब, आसिफ, अरशद और मुनीफ  शामिल थे। इस कोर ग्रुप ने अपनी अलग-अलग टीमें बनाई थीं। आशिक की टीम में आफ ताब, अंसिफ,  फ रासी, सुहेल और अरविंद शामिल थे। निवेश किया गया सारा पैसा कोर ग्रुप के माध्यम से एकत्रित होकर अब्दुल शकूर के पास आता था।

शकूर को बिटक्वाइन में घाटा हुआ तो वह आशिक, अरशद,  मुनीफ  और रिहाब के साथ केरल से भाग आया। पैसा निवेश करने वाले लोग शकूर के करीबी साथियों के माध्यम से उनका पीछा कर रहे थे। शकूर का कहना था कि उसका बिटक्वाइन अकाउंट हैक हो गया है। उसका दावा था कि वह अब अपनी क्रिप्टो करेंसी लांच कर रहा है। उसने सितंबर तक रकम वापस करने का भरोसा भी दिया था।

पकड़े गए/फरार आरोपी

-फारिस ममनून निवासी सबना मंजिल, करुवंबरम जिला मंजीरी (केरल)
-अरविंद सी निवासी चेन्निक कठहोडी मंजीरी मल्लापुरम  (केरल)
-अंसिफ  निवासी पलाई पुथनकलइथिल मंजीरी करुवंबरम (केरल)
-सुफेल मुख्तार निवासी पुथईकलम पलपत्ता  (केरल)
-आफताब मौहम्मद निवासी पलाई पुथनकलइथिल मंजीरी (केरल)

फरार आरोपी
-आशिक  निवासी निल्लीपुरम मंजीरी मल्लपपुरम (केरल)
-अरशद निवासी वेंगरा मल्लपपुरमए (केरल)
-यासीन निवासी मल्लपपुरम मंजीरी (केरल)
-रिहाब निवासी वेंगरा मल्लपपुरम (केरल)
-मुनीफ निवासी मल्लपपुरम मंजीरी (केरल

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