EXCLUSIVE: बहन ने खोले केजरीवाल की जिंदगी के राज
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
आम आदमी पार्टी के संयोजक अरविंद केजरीवाल की ही तरह यहां रहने वाली उनकी छोटी बहन डॉ. रंजना गुप्ता भी बेहद सादगी पसंद हैं। वे नहीं चाहती कि उनकी पहचान ‘मुख्यमंत्री की बहन’ के रूप में बनें।
यही कारण है कि पिछली बार अरविंद केजरीवाल के मुख्यमंत्री बनने पर अपनी यह पहचान जगजाहिर नहीं होने दी। 20 साल पहले उनका परिवार दिल्ली से हरिद्वार आकर बसा था।
उनके पति डॉ. अजय गुप्ता भेल के अस्पताल में डॉक्टर हैं जबकि वे सुभाष नगर में अपनी क्लीनिक चलाती हैं। बी-टेक की पढ़ाई करने वाला बेटा अभय और भेल के स्कूल में चौथी कक्षा में पढ़ने वाली बेटी अंजलि भी मामा अरविंद केजरीवाल की जीत से काफी खुश हैं।
बताई अरविंद की बचपन से बचपन से जुड़ी बातें
शिवालिक नगर, भेल (हरिद्वार) स्थित अपने आवास पर डॉ. रंजना ने बताया कि केजरीवाल बचपन से दूसरों के दुख को अपना समझते आए हैं। कभी किसी घायल या अपाहिज को घर लाकर इलाज करते थे तो कभी किसी भिखारी को खाना खिलाते थे।
कमजोर लोगों को सड़क पार करवाने के चक्कर में वह अपना काम तक छोड़ देते थे। उनके भाई जैसी दृढ़ इच्छाशक्ति विरलों में ही होती है। घर में भी अरविंद सबका ख्याल रखते हैं। कभी किसी पर मर्जी नहीं थोपते।
बहन का मानना है अरविंद जनता से किए वादे जरूर पूरे करेंगे। यही हमारे लिए भी सबसे बड़ा उपहार भी होगा। उन्होंने भाई को संदेश देते हुए कहा कि धैर्य रखें, किसी काम में जल्दी न करें।
‘पापा को वापस लेकर आऊंगा’
डॉ. रंजना ने बताया कि उनका भाई दूसरों के लिए जीते हैं। पापा को जब हार्टअटैक हुआ तो वह 40 दिन तक उनके साथ रहे। कहते रहे पापा को वापस लेकर आऊंगा। किसी को पापा के बचने की उम्मीद नहीं थी। लेकिन अरविंद पापा को ठीक करा घर लौटे।
शपथ ग्रहण समारोह में होंगे शामिल
आठ वर्षीय भांजी अंजलि का भी मानना है मामा दिल्ली में बड़ा परिवर्तन करेंगे। केजरीवाल के मुख्यमंत्री शपथ ग्रहण समारोह में बहन का पूरा परिवार 13 फरवरी को दिल्ली जाएगा। आप की जीत से जीजा डॉ. अजय गुप्ता, भांजा अभय भी खुश हैं।