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Kedarnath: यात्रा के दूसरे चरण में क्षतिग्रस्त पैदल मार्ग ने बढ़ाई परेशानी, हाईवे पर भूस्खलन जोन बने खतरा

Fri, 01 Sep 2023 10:54 PM IST
अलका त्यागी संवाद न्यूज एजेंसी, रुद्रप्रयाग
संवाद न्यूज एजेंसी, रुद्रप्रयाग Published by: अलका त्यागी Updated Fri, 01 Sep 2023 10:54 PM IST
सार

बरसात से गौरीकुंड राजमार्ग कई जगहों पर संवेदनशील बना हुआ है। रुद्रप्रयाग से कुंड तक जहां भटवाड़ीसैंण, गिंवाला और बांसवाड़ा में भूस्खलन जोन के सक्रिय होने से स्थिति दयनीय बनी है।

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Kedarnath Yatra 2023 second phase Route damage and Danger Zone Active on Highway
केदारनाथ पैदल मार्ग - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

केदारनाथ यात्रा के दूसरे चरण के लिए गौरीकुंड-केदारनाथ पैदल मार्ग की मरम्मत जोरों पर की जा रही है। पैदल मार्ग पर भूस्खलन व ग्लेशियर जोन में सुरक्षा के इंतजाम किए जा रहे हैं। साथ ही धाम में 12000 श्रद्धालुओं के ठहरने के लिए उचित इंतजाम किए जा रहे हैं। जिलाधिकारी ने यात्रा से जुड़े सभी विभागों को एक सप्ताह में सभी व्यवस्थाएं दुरस्त करने के निर्देश दिए हैं। वह, स्वयं भी मरम्मत कार्यों की मॉनीटरिंग कर रहे हैं।

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अब तक 12 लाख से ज्यादा श्रद्धालु पहुंचे

25 अप्रैल से शुरू हुई केदारनाथ यात्रा में अभी तक 12 लाख 22 हजार से अधिक श्रद्धालु दर्शन कर चुके हैं। मानसून सीजन में यात्रा धीमी हो गई थी। लेकिन अब, बरसाती मौसम अंतिम चरण में होने के साथ ही आगामी 15 सितंबर से यात्रा के फिर से रफ्तार पकड़ने की उम्मीद है। प्रशासन के अनुसार, अक्तूबर, नवंबर में प्रतिदिन 10 से 15 हजार श्रद्धालु धाम पहुंच सकते हैं। इसे देखते हुए बरसात से प्रभावित हुए गौरीकुंड-केदारनाथ पैदल मार्ग पर इन दिनों मरम्मत कार्य जोरों पर चल रहा है।

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रामबाड़ा से लिनचोली और लिनचोली से रुद्रा कैंप के बीच पांच स्थानों पर टूटे पुश्तों का पुनर्निर्माण किया जा रहा है। साथ ही हिमखंड जोन में सुरक्षा के इंतजाम हो रहे हैं। रास्ते पर बिछे पत्थरों में जो टूट गए हैं, उनके स्थान पर नए पत्थर लगाए जा रहे हैं। इसके अलावा जंगलचट्टी, भीमबली और लिनचोली पड़ाव में भी यात्री व्यवस्थाओं को दुरस्त किया जा रहा है। वहीं, केदारनाथ में 12000 श्रद्धालुओं के रात्रि प्रवास के लिए जीएमवीएन के अलावा अन्य आवासीय भवनों में इंतजाम किए जा रहे हैं।

हाईवे पर भूस्खलन जोन बने खतरा

बरसात से गौरीकुंड राजमार्ग कई जगहों पर संवेदनशील बना हुआ है। रुद्रप्रयाग से कुंड तक जहां भटवाड़ीसैंण, गिंवाला और बांसवाड़ा में भूस्खलन जोन के सक्रिय होने से स्थिति दयनीय बनी है। वहीं, कुंड से सोनप्रयाग के बीच सेमी-भैंसारी, देवीधार, तरसाली, खाट गांव में भी हालत नाजुक हैं। एनएच के ईई निर्भय सिंह ने बताया कि हाईवे पर जहां-जहां पर संभव हो रहा है, मरम्मत कार्य किया जा रहा है। शेष कार्य यात्रा के बाद प्राथमिकता से किया जाएगा। 

10 सितंबर तक पहुंचेगी हेली कंपनियां

केदारनाथ यात्रा के लिए इस वर्ष आठ हेली कंपनियां अपनी सेवाएं दे रही हैं। बरसात शुरू होते ही छह कंपनियां वापस लौट गई थीं। जबकि ट्रांस भारत और हिमालयन हेली एविएशन ने पूरे बरसाती सीजन में अपनी सेवाएं जारी रखी। तीन दिन पूर्व पवन हंस हेली कंपनी का हेलिकॉप्टर भी वापस लौट आया है। जिससे इन दिनों केदारनाथ के लिए तीन हेलिकॉप्टर सेवाएं दे रहे हैं। शेष पांच हेली कंपनियों के 10 सितंबर तक वापस लौटने की उम्मीद है।

केदारनाथ यात्रा के दूसरे चरण के लिए हाईवे से लेकर पैदल मार्ग को दुरस्त किया जा रहा है। साथ ही केदारनाथ में श्रद्धालुओं के लिए मूलभूत सुविधाओं की बेहतर उपलब्धता के लिए जोर दिया जा रहा है। पैदल मार्ग पर घोड़ा-खच्चरों का उचित प्रबंधन हो, इसके लिए भी ठोस प्रयास किए जा रहे हैं।
- डा. सौरव गहरवार, जिलाधिकारी रुद्रप्रयाग

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