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देवदृष्टि से होंगे सीधे केदारबाबा के दर्शन
ब्यूरो/अमर उजाला, देहरादून
Updated Sat, 10 Jan 2015 09:53 AM IST
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अपर मुख्य सचिव राकेश शर्मा ने बताया कि केदारनाथ धाम के पुनर्निर्माण का काम 36 से 38 महीने में पूरा होगा। लेकिन इस समय से पहले ही पूरा करने का प्रयास होगा।
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तीन महीने के भीतर मंदाकिनी व सरस्वती नदी के बीच घाट का निर्माण होगा। सोनप्रयाग व गौरीकुंड के बीच दो बैली ब्रिज बनेंगे। मीडिया सेंटर में अपर मुख्य सचिव ने नियमित प्रेस ब्रीफिंग में बताया कि नीचे वाले हेलीपैड का नाम देवदृष्टि रखा गया है।
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देवदृष्टि से सीधे केदार बाबा के दर्शन हो जाए इसके लिए सारा मलबा व कुछ निर्माण ध्वस्त करना है। दो हैलीपैड तैयार है, ऊपर वाले का नाम भी योग शिविर रखा गया है। इसके अलावा सोनप्रयाग से गौरीकुंड के बीच दो बैली ब्रिज जल्द बनकर तैयार हो जाएंगे।
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कुंभ के लिए 31 मार्च के बाद स्वीकृति नहीं
मेला आयोजन समिति केअध्यक्ष व अपर मुख्य सचिव राकेश शर्मा ने कहा कि कुंभ क्षेत्र में हर की पौड़ी पर हर बार चार अस्थाई पुल बनाए जाते हैं। लेकिन इस बार एक स्थाई पुलिस बनेगा और तीन अस्थाई। यूपी ने भी इसकी अनुमति दे दी है। कोशिश यही होगी कि जितना हो सकता है स्थाई काम ज्यादा हो।
अभी तक 128 करोड़ रुपए के काम मंजूर हो चुकेहैं। करीब साढ़े तीन सौ करोड़ रुपए खर्च होंगे। साठ करोड़ रुपए पिछले कुंभ केशेष है, उनका उपयोग भी किया जाएगा। लेकिन इस बार यह तय है कि 31 मार्च से पहले सभी कार्यों की स्वीकृति दे दी जाएगी। इसके बाद मेला क्षेत्र में किसी भी कार्य की स्वीकृति नहीं दी जाएगी।
इस बार केंद्र ने बदल दिए प्रावधान
कुंभ जैसे बड़े आयोजनों के लिए केंद्र सरकार ने बजट देने की नियमावली में संसोधन कर नई अधिसूचना जारी कर दी है। अपर मुख्य सचिव ने बताया कि नई नीति के तहत यदि किसी ऐसे धार्मिक आयोजन में एक करोड़ से ज्यादा की संख्या में श्रद्धालु आते हैं तो केंद्र सरकार 100 करोड़ रुपए देगी। यदि तीन करोड़ से ज्यादा आते हैं तो 250 करोड़ और इससे ज्यादा आते हैं तो 500 करोड़ रुपए केंद्र से मिलेंगे।